नई दिल्ली। अगर आप होम लोन, कार लोन या किसी अन्य बैंक कर्ज की EMI चुका रहे हैं तो आने वाले दिनों में भारतीय रिजर्व बैंक के फैसलों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। महंगाई और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच बाजार में ब्याज दरों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
रेटिंग एजेंसियों के अनुमानों में भी आगे ब्याज दरों में बदलाव की संभावना पर चर्चा की जा रही है। वहीं RBI ने बैंकिंग सिस्टम में मौजूद अतिरिक्त नकदी को कम करने के लिए हाल के दिनों में बॉन्ड बिक्री और विदेशी मुद्रा बाजार से जुड़े कदम उठाए हैं।
दूसरी ओर भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर मजबूत बनी हुई है। अप्रैल-जून तिमाही में भारत की GDP वृद्धि 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई थी। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि मजबूत ग्रोथ और महंगाई के बीच RBI मौद्रिक नीति में किस तरह संतुलन बनाता है।
रेपो रेट में किसी भी तरह की बढ़ोतरी बैंकों की उधारी लागत को प्रभावित कर सकती है और इसका असर आगे चलकर ग्राहकों की EMI पर भी दिखाई दे सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय RBI की मौद्रिक नीति समिति ही करेगी।








