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एक दिन में 85 लाख वैक्सीन डोज, तो अब रफ़्तार क्यों पड़ गयी धीमी

वैक्सीनेशन

नई दिल्ली. 21 जून से केंद्र ने राज्यों को मुफ्त वैक्सीन देने का काम शुरू किया, यानी इसी दिन से केंद्र ने कमान अपने हाथ में लिया और इसी दिन भारत ने एक नई उपलब्धि हासिल की। 80 लाख से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया, तो क्या अब वैक्सीन की किल्लत खत्म हो गई? क्या अब वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ गई है? आखिर क्या है सच ? दरअसल हम सबसे पहले 21 जून को बनाए गए ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’ के पीछे की कहानी समझते हैं।

 केंद्र सरकार के सभी के लिए फ्री वैक्सीन कैंपेन के पहले दिन रिकॉर्ड वैक्सीन डोज दिए गए। इस रिकॉर्ड के पीछे एक चौंकाने वाली बात देखी जा रही है.। CoWIN पोर्टल के डेटा के मुताबिक, पिछले एक महीने का वैक्सीनेशन ट्रेंड देखें, तो पता चलता है कि 21 जून को वैक्सीनेशन नंबर अचानक से ऊपर आ गया है। बीजेपी शासित राज्यों में हैरान करने वाला ट्रेंड देखा गया। जिस मध्य प्रदेश में 21 जून को रिकॉर्ड 17 लाख डोज दिए गए, वहीं उससे एक दिन पहले 20 जून को राज्य में केवल 692 डोज दिए गए।  22 जून को 5000 से भी काम डोज लगे।

वहीं, उत्तर प्रदेश के ट्रेंड से पता चलता है कि यहां रविवार को वैक्सीनेशन का रेट धीमा रहा। पिछले एक महीने में हर रविवार को वैक्सीनेशन रोजाना के मुकाबले कम रहा है। गुजरात, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और कर्नाटक में भी 21 जून को वैक्सीनेशन अचानक से ऊपर गया। वहीं, गैर-बीजेपी सरकार वाले राज्यों में देखें तो दिल्ली में 21 जून को रिकॉर्ड नहीं बना।