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महाकाल मंदिर में बड़ा नवाचार: अब हर श्रद्धालु को मिलेगा बाबा महाकाल का निःशुल्क प्रसाद

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए एक नई और ऐतिहासिक व्यवस्था शुरू की गई है। अब बाबा महाकाल के दर्शन करने आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को मंदिर समिति की ओर से निःशुल्क प्रसाद दिया जाएगा। प्रसाद वितरण प्रतिदिन प्रथम पूजा और भोग के बाद मंदिर के दोनों एग्जिट गेटों पर किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी श्रद्धालु बाबा महाकाल के दरबार से खाली हाथ न लौटे। प्रसाद में चना, चिरौंजी और रेवड़ी का सूखा पैकेट दिया जाएगा, जिसे श्रद्धालु आसानी से अपने साथ घर ले जा सकेंगे।

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HIGHLIGHTS

* 🔸 महाकाल मंदिर में पहली बार सभी श्रद्धालुओं को मिलेगा मुफ्त प्रसाद।
* 🔸 नई व्यवस्था शुक्रवार से लागू।
* 🔸 दर्शन के बाद दो एग्जिट गेटों पर मिलेगा प्रसाद।
* 🔸 प्रसाद पैकेट में चना, चिरौंजी और रेवड़ी शामिल।
* 🔸 बाबा महाकाल को भोग अर्पित करने के बाद शुरू होगा वितरण।
* 🔸 देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा लाभ।
* 🔸 उद्देश्य: कोई भी श्रद्धालु खाली हाथ न लौटे।
* 🔸 मंदिर समिति की नई सेवा पहल से श्रद्धालुओं में उत्साह।📍 स्थान: उज्जैन, मध्य प्रदेश
🏷️ श्रेणी: धर्म | मध्य प्रदेश | उज्जैन | महाकाल मंदिर

उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रबंध समिति ने एक ऐतिहासिक पहल की है। अब बाबा महाकाल के दर्शन करने आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को मंदिर समिति की ओर से निःशुल्क प्रसाद दिया जाएगा। यह व्यवस्था शुक्रवार से लागू हो गई है और मंदिर के इतिहास में पहली बार सभी दर्शनार्थियों को मुफ्त प्रसाद उपलब्ध कराया जाएगा।

मंदिर प्रबंध समिति की सहायक प्रशासक सिम्मी यादव ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सेवा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। दर्शन के बाद बाहर निकलने वाले भक्तों के लिए मंदिर के दो प्रमुख एग्जिट गेटों पर विशेष प्रसाद वितरण काउंटर बनाए गए हैं, ताकि बिना किसी परेशानी के सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद मिल सके।

श्रद्धालुओं को पैकेट में चना, चिरौंजी और रेवड़ी का सूखा प्रसाद दिया जाएगा। सूखा प्रसाद होने के कारण देश-विदेश से आने वाले भक्त इसे आसानी से अपने साथ घर भी ले जा सकेंगे।

मंदिर समिति के अनुसार, प्रतिदिन सुबह बाबा महाकाल की प्रथम पूजा, नैवेद्य और भोग अर्पित करने के बाद प्रसाद वितरण शुरू किया जाएगा। समिति का उद्देश्य है कि कोई भी श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के बाद खाली हाथ वापस न लौटे। इस नई व्यवस्था से लाखों श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

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