मृदुभाषी डेस्क। आज, गुरुवार 29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। शाम को चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद व्रत खोला जाता है। ऐसे में मध्यप्रदेश प्रदेश के अलग-अलग शहरों में रहने वाली महिलाओं के मन में सवाल है कि आज उनके शहर में चांद कितने बजे निकलेगा। आइए जानते हैं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और प्रदेश के अन्य शहरों में चंद्रोदय का अनुमानित समय।
मध्यप्रदेश में आज कहां कितने बजे निकलेगा चांद?

29 अक्टूबर 2026 के लिए उपलब्ध शहरवार चंद्रोदय संबंधी जानकारियों के अनुसार, मध्यप्रदेश में चांद निकलने के समय में शहरों के बीच अंतर रहेगा। प्रमुख शहरों के अनुमानित समय इस प्रकार हैं।
| शहर | चांद निकलने का अनुमानित समय |
|---|---|
| सिंगरौली | रात 8:01 बजे |
| रीवा | रात 8:11 बजे |
| ग्वालियर | रात 8:15 बजे |
| जबलपुर | रात 8:15–8:20 बजे |
| भोपाल | रात 8:26 बजे |
| सागर | रात 8:24 बजे |
| गुना | रात 8:22 बजे |
| इंदौर | रात 8:34 बजे |
| उज्जैन | रात 8:35 बजे के आसपास |
| अलीराजपुर | रात 8:41 बजे |
ध्यान दें: ये प्रकाशित खगोलीय गणनाओं और शहरवार पंचांगों पर आधारित अनुमानित समय हैं। अलग-अलग स्रोतों में कुछ मिनट का अंतर मिल सकता है। व्रत-पूजा के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी समय की पुष्टि करें।
प्रदेश में सबसे पहले और सबसे देर से कहां दिखेगा चांद?
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश में सिंगरौली में चंद्रोदय सबसे पहले, रात करीब 8:01 बजे होने का अनुमान है। वहीं, पश्चिमी छोर पर स्थित अलीराजपुर में चांद करीब 8:41 बजे निकल सकता है। यानी प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच चंद्रोदय के समय में लगभग 40 मिनट का अंतर रह सकता है।
इसके पीछे पृथ्वी का घूर्णन और अलग-अलग शहरों की भौगोलिक स्थिति प्रमुख कारण हैं। मध्यप्रदेश का पूर्व से पश्चिम तक फैला क्षेत्र भी इस अंतर को समझने में महत्वपूर्ण है।
मौसम बिगाड़ सकता है चांद के दीदार का इंतजार
करवा चौथ पर केवल चांद निकलने का समय जानना ही पर्याप्त नहीं है। आसमान में बादल, धुंध, बारिश या सामने मौजूद ऊंची इमारतों के कारण चंद्रमा दिखाई देने में देरी हो सकती है।
28 अक्टूबर को प्रकाशित एक रिपोर्ट में मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल और बारिश की संभावना का उल्लेख किया गया था। इसमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग सहित पश्चिमी क्षेत्रों में बादल छाने की आशंका जताई गई थी। पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश की संभावना बताई गई थी।
हालांकि, यह पूर्वानुमान संबंधी जानकारी है। आज रात किसी शहर में वास्तविक मौसम कैसा रहेगा, इसकी पुष्टि के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का नवीनतम स्थानीय पूर्वानुमान और चेतावनी देखना जरूरी है।
चांद निकलने और दिखाई देने में क्या है अंतर?
चंद्रोदय का समय वह अनुमानित समय है, जब चंद्रमा क्षितिज के ऊपर आता है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि वह उसी क्षण हर स्थान से साफ दिखाई देने लगेगा।
यदि आसमान में घने बादल हैं या क्षितिज के सामने इमारतें अथवा पहाड़ हैं, तो चंद्रमा के दर्शन में कुछ मिनट या उससे अधिक समय लग सकता है। इसलिए निर्धारित चंद्रोदय समय और वास्तविक दृश्यता को एक ही बात नहीं मानना चाहिए।
करवा चौथ पर इन बातों का रखें ध्यान
- अपने शहर का चंद्रोदय समय स्थानीय पंचांग से जांच लें।
- मौसम की ताजा जानकारी के लिए IMD का आधिकारिक पूर्वानुमान देखें।
- बादल होने पर चांद दिखाई देने में देरी हो सकती है।
- पूजा और व्रत खोलने से जुड़े निर्णय अपनी परंपरा तथा स्थानीय पंचांग के अनुसार लें।
क्यों खास है आज का करवा चौथ?

करवा चौथ उत्तर और मध्य भारत में विशेष रूप से मनाया जाने वाला पर्व है। इस दिन महिलाएं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा करती हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलती हैं। शाम ढलते ही परिवारों की नजरें आसमान पर टिक जाती हैं।
मध्यप्रदेश में भी भोपाल से इंदौर और ग्वालियर से जबलपुर तक लोग चांद निकलने का इंतजार करेंगे। शहरों में चंद्रोदय के समय का अंतर और मौसम की स्थिति आज रात के चांद-दर्शन को खास बना सकती है।
नोट: इस समाचार में दिए गए समय अनुमानित हैं। इन्हें मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक चंद्रोदय समय न बताया जाए, क्योंकि मौसम विभाग का मुख्य कार्य मौसम का पूर्वानुमान और चेतावनी जारी करना है, जबकि चंद्रोदय का समय खगोलीय गणनाओं से निर्धारित होता है।
