नई दिल्ली। टैक्सपेयर्स के लिए महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने टैक्स रिकवरी से जुड़े नियमों से गिरफ्तारी और हिरासत के प्रावधान हटा दिए हैं। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा।
CBDT की 17 सितंबर की अधिसूचना के मुताबिक Income-tax (Fourth Amendment) Rules, 2026 के जरिए नियमों में बदलाव किया गया है। संशोधन के बाद टैक्स डिफॉल्ट के मामलों में कर अधिकारी संबंधित व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं कर सकेंगे।
यह फैसला टैक्स प्रशासन में बड़ा प्रक्रियात्मक बदलाव माना जा रहा है। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि टैक्स बकाया की वसूली बंद हो जाएगी। विभाग के पास कानून के तहत उपलब्ध अन्य रिकवरी प्रक्रियाएं जारी रहेंगी।
कारोबारियों और व्यक्तिगत करदाताओं के लिहाज से भी यह बदलाव अहम है, क्योंकि टैक्स रिकवरी की प्रक्रिया में गिरफ्तारी जैसे कठोर प्रावधान लंबे समय से चिंता का विषय रहे हैं। नए नियम लागू होने के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि आयकर विभाग रिकवरी के वैकल्पिक उपायों का इस्तेमाल किस तरह करता है।








