पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंडक नदी का पानी सारण जिले के नए इलाकों में फैलने से खेत, घर और सड़कें प्रभावित हुई हैं। केंद्रीय जल आयोग के ऑरेंज बुलेटिन में कई जिलों के 28 स्थानों पर गंभीर बाढ़ की स्थिति बताई गई है। नेपाल और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के बाद राज्य की कई नदियों पर दबाव बढ़ा है।
सारण के पनापुर और मकेर प्रखंडों में क्षतिग्रस्त तटबंधों से पानी बाहर निकलकर आसपास के क्षेत्रों तक पहुँचा है। अमनौर, मकेर और परसा सहित कई इलाकों में बाढ़ का असर दिख रहा है। कुछ स्थानों पर गंडक का जलस्तर घटने के बावजूद खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
राहत और बचाव के लिए सारण में एनडीआरएफ की 12 तथा एसडीआरएफ की सात टीमें तैनात की गई हैं। अतिरिक्त टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई हैं। भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों की मदद से राशन के पैकेट पहुँचाए जा रहे हैं।
गंगा, कोसी, बागमती और घाघरा सहित अन्य नदियों की स्थिति पर भी निगरानी जारी है। कई जिलों में तटबंधों पर बढ़ते दबाव ने प्रशासन की चुनौती बढ़ाई है।
फिलहाल प्राथमिकता फँसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने और प्रभावित परिवारों को भोजन तथा जरूरी सेवाएँ उपलब्ध कराने की है। पानी उतरने के बाद आवास और खेती को हुए नुकसान का आकलन राहत कार्य का अगला महत्वपूर्ण चरण होगा।







