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अशोकनगर जिले में दर्दनाक हादसा: कुएं में डूबने से चार मासूम सगे भाइयों की मौत, गांव में छाया मातम

खेलते-खेलते खेतों की तरफ चले गए थे 10 साल से कम उम्र के चारों बच्चे, दोपहर में कुएं में उतराते मिले शव

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खेलते-खेलते खेतों की तरफ चले गए थे 10 साल से कम उम्र के चारों बच्चे, दोपहर में कुएं में उतराते मिले शव

अशोकनगर। जिले के चंदेरी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम विक्रमपुर में सोमवार को एक ऐसा दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। गांव के पास स्थित एक खेत में बने कुएं में डूबने से चार सगे भाइयों की असमय मौत हो गई। काल के क्रूर थपेड़े का शिकार बने चारों मासूमों की उम्र 10 वर्ष से भी कम थी। एक ही घर के चार-चार चिरागों के एक साथ बुझ जाने से जहां परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं समूचे विक्रमपुर गांव में गहरा शोक और मातम पसरा हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विक्रमपुर निवासी मजदूरी करने वाले बनवीर कुशवाहा के चार निष्पाप मासूम बच्चे सोमवार की सुबह अचानक घर से बिना बताए निकल गए थे। खेलते-खेलते चारों बच्चे गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर खेतों की ओर पहुंच गए। मासूमों की बेखबर मंडली को यह अंदाजा भी नहीं था कि खेल-खेल में बढ़ते उनके कदम मौत के मुहाने की तरफ जा रहे हैं। दोपहर करीब 2 बजे जब गांव का ही एक व्यक्ति खेतों की तरफ से गुजर रहा था, तो उसकी नजर अचानक खेत में स्थित कुएं पर पड़ी। कुएं के पानी में एक बच्चे का शव तैरता देख ग्रामीण के पांव तले जमीन खिसक गई। जब उसने पास जाकर ध्यान से देखा, तो कुएं के भीतर चारों बच्चों के बेजान शरीर पानी में उतरा रहे थे। इस भयावह दृश्य को देखते ही ग्रामीण बदहवास हालत में दौड़ता हुआ गांव पहुंचा और परिजनों सहित ग्रामीणों को घटना की सूचना दी।


खबर फैलते ही मचा कोहराम, दादी का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे की खबर जंगल में आग की तरह फैली और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। अपने जिगर के टुकड़ों को इस हालत में देखकर परिजनों के चीत्कार से पूरा इलाका दहल उठा। सूचना मिलते ही चंदेरी पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद चारों बच्चों के शवों को कुएं से बाहर निकलवाया। पारिवारिक पृष्ठभूमि के अनुसार, बच्चों के पिता बनवीर कुशवाहा मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि उनकी पत्नी पिछले कुछ समय से अपने मायके में रह रही हैं। चारों मासूम अपनी बुजुर्ग दादी के साथ घर पर रहते थे। सोमवार सुबह जब बच्चे काफी देर तक घर नहीं लौटे, तो बुजुर्ग दादी ने अनहोनी से अनजान होकर गांव की गलियों में उनकी तलाश शुरू कर दी थी। उन्हें जरा भी अंदेशा नहीं था कि उनके लाडले पोते गांव की सीमा लांघकर इतनी दूर खेतों में बने कुएं तक चले गए हैं।

मंदिर के पुराने घर के पास खेलते-खेलते हुआ हादसा

ग्रामीणों ने बताया कि जिस स्थान पर यह हृदयविदारक घटना हुई, वहां मंदिर का एक पुराना घर स्थित है। बच्चे अक्सर अपनी दादी के साथ उस जगह पर जाया करते थे। आशंका जताई जा रही है कि सोमवार को भी चारों मासूम खेलते-खेलते उसी तरफ चले गए होंगे और कुएं के मुहाने पर खेलते समय अचानक एक-एक कर दुर्घटना का शिकार हो गए। कुआं सुनसान इलाके में होने के कारण हादसे के वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे बच्चों को बचाने का कोई अवसर नहीं मिल सका। पुलिस ने चारों मासूमों के शवों को पंचनामा बनाकर चंदेरी सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां देर शाम पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद बेजान शव परिजनों को सौंप दिए गए। जब एक साथ चार नन्हे जनाजे उठे, तो उपस्थित हर शख्स की आंखें नम हो गईं। पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना के सभी पहलुओं और परिस्थितियों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

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