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Jio IPO: 21 अक्टूबर से खुलेगा जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO

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₹30,213 करोड़ जुटाने का लक्ष्य; जानिए प्राइस बैंड और निवेशकों के लिए रिजर्वेशन

₹1,065 से ₹1,119 होगा प्रति शेयर प्राइस बैंड, कर्मचारियों को ₹54 की छूट; रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए भी आरक्षित रहेंगे शेयर

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की डिजिटल सर्विसेज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुलने वाला है। कंपनी का लक्ष्य इस आईपीओ के जरिए करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाना है। इसके लिए प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया है। प्रस्तावित आईपीओ को भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ के रूप में देखा जा रहा है।

कंपनी की ओर से दाखिल रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, इस निर्गम में 10 रुपये अंकित मूल्य वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी किए जाएंगे। आईपीओ को लेकर निवेशकों की नजर कंपनी के कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन और भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल बाजार में उसकी संभावनाओं पर टिकी है।

19 अक्टूबर से एंकर निवेशकों के लिए बोली

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में बड़े संस्थागत निवेशकों यानी एंकर इन्वेस्टर्स के लिए 19 अक्टूबर 2026 को बोली लगाने की तारीख निर्धारित की गई है। आम निवेशकों के लिए आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर तक आवेदन किए जा सकेंगे। एंकर निवेशकों की भागीदारी आईपीओ में संस्थागत मांग का शुरुआती संकेत दे सकती है। हालांकि, आईपीओ में निवेश करने से पहले निवेशकों को कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों, जोखिमों और वित्तीय स्थिति का अध्ययन करना चाहिए।

कर्मचारियों और रिलायंस के शेयरधारकों के लिए विशेष कोटा

जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आईपीओ में कर्मचारियों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था की है।

प्रस्तावित विवरण के अनुसार:

कर्मचारियों के लिए आरक्षण: 500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित रखे गए हैं।

कर्मचारी छूट: पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर 54 रुपये की छूट देने का प्रावधान है।

रिलायंस शेयरधारकों के लिए कोटा: पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित हैं।

कुल आरक्षण: दोनों श्रेणियों को मिलाकर लगभग 3,000 करोड़ रुपये का आरक्षण बताया गया है।

न्यूनतम आवेदन: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, खुदरा निवेशक 12 शेयरों के एक लॉट के लिए आवेदन कर सकेंगे।

आरक्षण और आवेदन से जुड़ी अंतिम शर्तें आधिकारिक प्रॉस्पेक्टस में दिए गए नियमों के अनुसार लागू होंगी।

किन रिलायंस शेयरधारकों को मिलेगा लाभ?

आईपीओ में शेयरधारक श्रेणी के तहत आवेदन करने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों को निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के सार्वजनिक इक्विटी शेयर रखने वाले पात्र व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) इस श्रेणी के लिए योग्य हो सकते हैं। हालांकि, आवेदन से पहले निवेशकों को RHP में दिए गए पात्रता संबंधी नियमों की पुष्टि करनी चाहिए।

हुंडई मोटर इंडिया का रिकॉर्ड टूट सकता है

यदि जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ करीब 30,213 करोड़ रुपये के आकार के साथ आता है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। इससे पहले अक्टूबर 2024 में हुंडई मोटर इंडिया ने करीब 27,858 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था। जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित निर्गम आकार इससे बड़ा है। इस कारण भारतीय पूंजी बाजार में इसे एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना

कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, आईपीओ के तहत 10 रुपये अंकित मूल्य वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है। जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार में रिलायंस जियो का दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं से जुड़ा व्यवसाय शामिल है। इस आईपीओ के माध्यम से निवेशकों को कंपनी के कारोबार में हिस्सेदारी हासिल करने का अवसर मिलेगा। वहीं, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, प्रतिस्पर्धा, तकनीकी निवेश और भविष्य की कारोबारी योजनाओं का मूल्यांकन निवेश संबंधी निर्णय में महत्वपूर्ण होगा।

अगस्त में SEBI से मिली थी मंजूरी

रिलायंस इंडस्ट्रीज की नियामकीय फाइलिंग के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 जून 2026 को अपना ड्राफ्ट रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया था। इसके बाद 28 अगस्त 2026 को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से ऑब्जर्वेशन लेटर प्राप्त हुआ। इसके बाद कंपनी ने आईपीओ की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल किया। इस दस्तावेज में आईपीओ से जुड़ी प्रमुख जानकारियां, कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति और निवेश से जुड़े जोखिमों का विवरण दिया जाता है।

52.44 करोड़ सब्सक्राइबर्स के साथ देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी

जियो भारत के दूरसंचार बाजार में प्रमुख स्थान रखती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी का कुल सब्सक्राइबर बेस 52.44 करोड़ था। वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 48.82 करोड़ था। कंपनी ने मोबाइल कनेक्टिविटी के साथ-साथ 5G नेटवर्क, डिजिटल सेवाओं और तकनीकी समाधानों के क्षेत्र में भी अपना विस्तार किया है। विशाल ग्राहक आधार जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

5G और AI तकनीक पर भी कंपनी का फोकस

जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी है, जिसका मुख्यालय मुंबई में है। कंपनी दूरसंचार नेटवर्क के साथ 5G तकनीक, नेटवर्क सॉफ्टवेयर और डिजिटल सेवाओं से जुड़े समाधान विकसित करने पर काम करती है। 5G तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल से दूरसंचार क्षेत्र में नई कारोबारी संभावनाएं बन रही हैं। ऐसे में कंपनी की तकनीकी क्षमताएं और भविष्य की निवेश योजनाएं भी आईपीओ के दौरान निवेशकों के विश्लेषण का हिस्सा रहेंगी।

क्या होता है RHP?

रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी RHP वह आधिकारिक दस्तावेज है, जिसमें आईपीओ लाने वाली कंपनी अपने कारोबार, वित्तीय स्थिति, प्रबंधन, संभावित जोखिमों और निर्गम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां देती है। इस दस्तावेज के आधार पर निवेशक कंपनी के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं और निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन कर सकते हैं। इसमें निर्गम की शर्तें, शेयरों का प्राइस बैंड और आवेदन से जुड़ी जानकारी भी शामिल हो सकती है।

निवेश से पहले इन बातों पर दें ध्यान

जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित आईपीओ अपने आकार के कारण चर्चा में है, लेकिन केवल आईपीओ का बड़ा होना निवेश से लाभ मिलने की गारंटी नहीं है। निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की वृद्धि, प्रतिस्पर्धा, जोखिम कारकों और शेयरों के मूल्यांकन का अध्ययन करना चाहिए।

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