मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार का बड़ा फैसला; 2018 की विशेष भर्ती में दूसरे जिलों में पदस्थ जवानों को गृह जिले में वापसी के लिए मिलेगी एकमुश्त छूट। ऑनलाइन आवेदन के जरिए कर सकेंगे पदस्थापना की मांग, रिक्त पदों के आधार पर होगा निर्णय।
मृदुभाषी डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश के 2,790 होमगार्ड जवानों और उनके परिवारों के लिए दिवाली से पहले बड़ी खुशखबरी आई है। वर्षों से अपने गृह जिले से दूर दूसरे जिलों में सेवाएं दे रहे इन जवानों को अब अपने गृह जिले में लौटने का अवसर मिलेगा। राज्य सरकार ने इनके हित में मध्यप्रदेश होमगार्ड नियम, 2016 के प्रावधानों में एक बार के लिए विशेष छूट देने का निर्णय लिया है।
इस फैसले के तहत वर्ष 2018 की विशेष भर्ती में चयनित पात्र जवान ऑनलाइन आवेदन कर उस जिले में पदस्थापना की मांग कर सकेंगे, जहां उनका पहली बार चयन हुआ था। हालांकि, गृह जिले में वापसी का अवसर जिला इकाइयों में उपलब्ध रिक्त पदों और निर्धारित पात्रता के आधार पर मिलेगा।

2018 की भर्ती में दूसरे जिलों में मिली थी पदस्थापना
दरअसल, वर्ष 2018 में विशेष भर्ती के माध्यम से चयनित 2,790 होमगार्ड जवानों को उनके पहली बार चयन वाले जिलों में पद रिक्त नहीं होने के कारण दूसरे जिलों में पदस्थ किया गया था। इसके चलते जवानों को लंबे समय से अपने परिवार और गृह जिले से दूर रहकर सेवाएं देनी पड़ रही थीं।
अब राज्य सरकार ने जवानों की इस परेशानी को देखते हुए मध्यप्रदेश होमगार्ड नियम, 2016 में एकमुश्त विशेष छूट देने का फैसला किया है। इसके बाद पात्र जवान निर्धारित समय-सीमा में ऑनलाइन आवेदन कर अपने पहले चयन वाले जिले में पदस्थापना का अनुरोध कर सकेंगे।
रिक्त पदों के आधार पर होगा गृह जिले में तबादला
सरकार के निर्णय में यह स्पष्ट किया गया है कि गृह जिले में वापसी का लाभ सभी जवानों को स्वतः नहीं मिलेगा। संबंधित जिला इकाइयों में उपलब्ध रिक्त पदों और निर्धारित नियमों के अनुसार ही पदस्थापना में बदलाव किया जाएगा।
इसका मतलब है कि जिन जिलों में पद उपलब्ध होंगे, वहां पात्र जवानों के आवेदनों पर विचार किया जा सकेगा। आवेदन करने वाले जवानों को पदों की उपलब्धता और नियमानुसार पात्रता के आधार पर ही गृह जिले में पदस्थापना मिल पाएगी।
डीजी होमगार्ड प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने दी फैसले की जानकारी
डीजी होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2018 में चयनित जवानों को पहली बार चयनित जिलों में पद रिक्त नहीं होने के कारण दूसरे जिलों में पदस्थ किया गया था।
राज्य शासन की ओर से होमगार्ड नियमों में विशेष छूट दिए जाने के बाद अब इन जवानों को अपने गृह जिले में लौटने का अवसर मिलेगा। इसके लिए पात्र जवान ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
परिवार के नजदीक रहकर निभा सकेंगे जिम्मेदारियां
लंबे समय से गृह जिले से दूर रहकर ड्यूटी कर रहे जवानों के लिए यह निर्णय काफी राहत देने वाला माना जा रहा है। गृह जिले में पदस्थापना मिलने से वे अपने परिवार के नजदीक रह सकेंगे और पारिवारिक जिम्मेदारियों का बेहतर तरीके से निर्वहन कर पाएंगे।
डीजी प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के अनुसार, इस फैसले से जवानों को व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर सुविधा मिलेगी। साथ ही उनका मनोबल और सेवा के प्रति उत्साह भी बढ़ेगा।
होमगार्ड संगठन ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
राज्य शासन के इस फैसले का होमगार्ड संगठन और जवानों ने स्वागत किया है। जवानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताते हुए इसे लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने वाला निर्णय बताया है।
दिवाली के अवसर पर मिली इस राहत से उन जवानों में खासा उत्साह है, जो वर्षों से अपने गृह जिले में पदस्थापना का इंतजार कर रहे थे। अब उनकी निगाहें ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और गृह जिले में रिक्त पदों के आधार पर होने वाली पदस्थापना पर रहेंगी।
