मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए आदेश; सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को पात्र आश्रितों के आवेदनों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश। संजीवनी क्लीनिकों में 164 संविदा डॉक्टरों की भी नियुक्ति।
मृदुभाषी, भोपाल। मध्यप्रदेश में लंबे समय से अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार कर रहे दिवंगत शासकीय कर्मचारियों के परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी विभागों में वर्षों से लंबित पड़े अनुकंपा नियुक्ति के मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। हाल ही में हुई पदोन्नति प्रक्रिया के कारण विभिन्न विभागों में खाली हुए पदों पर अब पात्र आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी।
इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि पात्र आवेदकों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उपलब्ध रिक्त पदों के अनुसार जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए।
पदोन्नति के बाद खाली हुए पदों पर मिलेगी नियुक्ति
सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार, राज्य, संभाग और जिला स्तर के अनेक कार्यालयों में उपयुक्त पद उपलब्ध नहीं होने के कारण अनुकंपा नियुक्ति के कई आवेदन लंबे समय से लंबित थे। इस वजह से दिवंगत शासकीय सेवकों के परिवारों को नौकरी के लिए इंतजार करना पड़ रहा था।
पिछले महीने प्रदेश सरकार ने विशेष प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को पदोन्नति दी थी। इसके परिणामस्वरूप विभिन्न विभागों और संवर्गों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हुए हैं।
अब शासन ने इन रिक्त पदों का उपयोग अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों के निराकरण के लिए करने का निर्णय लिया है। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपलब्ध पदों और निर्धारित योग्यता के आधार पर पात्र आश्रितों के आवेदनों की समीक्षा कर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुआ विशेष अभियान
अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में तेजी लाने की पहल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद की गई है। इससे पहले लोक शिक्षण आयुक्त ने विशेष अभियान चलाकर महज 10 दिनों में दिवंगत 954 शिक्षकों और कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की थी।
इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने सभी प्रशासनिक विभागों में लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों का निराकरण करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। सरकार की इस पहल से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अपने परिवार के सदस्य की सेवाकाल में मृत्यु के बाद से अनुकंपा नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य शासकीय सेवक की सेवाकाल में मृत्यु होने पर उसके पात्र आश्रित को नौकरी देकर परिवार को आर्थिक संकट से उबारने में मदद करना है।
संजीवनी क्लीनिकों में 164 संविदा डॉक्टरों की नियुक्ति
इधर, मध्यप्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश ने प्रदेश के संजीवनी क्लीनिकों में 164 नए संविदा चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की है।
इन नियुक्तियों से संजीवनी क्लीनिकों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को घर के नजदीक ही चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
इससे सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दूर स्थित बड़े अस्पतालों तक जाने की जरूरत कम होगी। स्थानीय स्तर पर डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पात्र परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत
मध्यप्रदेश सरकार के इन फैसलों से एक ओर अनुकंपा नियुक्ति के लिए वर्षों से इंतजार कर रहे परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर संजीवनी क्लीनिकों में डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से शहरी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। अब विभागीय स्तर पर लंबित आवेदनों के निराकरण और नियुक्ति प्रक्रिया की गति पर नजर रहेगी।
