मृदुभाषी, धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में लोकायुक्त इंदौर की कार्रवाई ने सहकारिता विभाग में हड़कंप मचा दिया है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति नालछा के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के ठिकानों पर बुधवार को एक साथ हुई छापेमारी में करोड़ों रुपए की कथित अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में जहां करीब 2.41 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति सामने आई थी, वहीं तलाशी के दौरान मिले नए दस्तावेजों और सामान की इन्वेंट्री के बाद यह आंकड़ा बढ़कर करीब 3.32 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रबंधक के घर में मिले घरेलू सामान की अनुमानित कीमत ही 1 करोड़ 22 लाख 69 हजार 200 रुपए आंकी गई है। लोकायुक्त की अब तक की जांच में आय और व्यय के बीच भारी अंतर सामने आया है। उधर, कार्रवाई के बाद सहकारिता विभाग ने भी ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनका मुख्यालय जिला सहकारी केंद्रीय बैंक धार की बगड़ी शाखा में निर्धारित किया गया है।
65 लाख की वेतन आय, संपत्ति के आंकड़े करोड़ों में
लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच के अनुसार, शेरसिंह ठाकुर के करीब 20 वर्षों के सेवाकाल में अनुमानित वैध वेतन आय लगभग 65 लाख रुपए आंकी गई थी। इसके मुकाबले उनकी संपत्तियों और अन्य मदों में किए गए खर्च का आकलन करीब 2 करोड़ 41 लाख 45 हजार रुपए किया गया। शुरुआती गणना में यह ज्ञात आय से 271.46 प्रतिशत अधिक बताया गया।
हालांकि, तलाशी के दौरान घरों में मिले सामान, आभूषण और अन्य संपत्तियों की विस्तृत इन्वेंट्री तैयार होने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया। ताजा जानकारी के मुताबिक, करीब 40 लाख रुपए की कुल आय (वेतन और कृषि आय सहित) की तुलना में लगभग 3.32 करोड़ रुपए का अनुपातहीन व्यय सामने आया है। लोकायुक्त की ओर से इसे अब तक की जांच में 731 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति बताया गया है।
घर के सामान की कीमत 1.22 करोड़ रुपए
लोकायुक्त की तलाशी में सामने आए ताजा आंकड़े भी काफी चौंकाने वाले हैं। अब तक तैयार इन्वेंट्री में निम्न संपत्तियों और सामान का मूल्यांकन किया गया है।
- घरेलू सामान: 1,22,69,200 रुपए
- सोना-चांदी के आभूषण और नकद राशि: 6,72,655 रुपए
- नालछा स्थित मकान की इन्वेंट्री: 14,450 रुपए
- सोड़पुर स्थित पैतृक मकान की इन्वेंट्री: 6,35,340 रुपए
लोकायुक्त की टीम इन सामानों और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण कर रही है। जांच पूरी होने के बाद वास्तविक मूल्य और स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट होगी।
सोड़पुर में 97 लाख का दो मंजिला मकान
जांच में ग्राम सोड़पुर, नालछा में 0.1520 हेक्टेयर भूखंड पर करीब 2400 वर्गफीट में बना दो मंजिला मकान मिला है। भूखंड की खरीद और भवन निर्माण पर लगभग 97 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है।
इसके अलावा नालछा में मांडव रोड स्थित सोड़पुर तिराहे पर करीब 1350 वर्गफीट का व्यावसायिक भवन भी मिला है। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपए बताई गई है।
पत्नी के नाम पर भी लाखों की कृषि भूमि
लोकायुक्त की जांच में शेरसिंह ठाकुर की पत्नी कविता ठाकुर के नाम पर भी कृषि भूमि होने की जानकारी सामने आई है।
- ग्राम सोड़पुर, तहसील पीथमपुर में 0.645 हेक्टेयर कृषि भूमि, अनुमानित कीमत 8 लाख रुपए।
- ग्राम मांडव, तहसील पीथमपुर में 2.526 हेक्टेयर कृषि भूमि, अनुमानित कीमत 42 लाख रुपए।
इन जमीनों की खरीद, भुगतान के स्रोत और वास्तविक स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
जेसीबी, ट्रैक्टर, कार और बुलेट भी मिली
लोकायुक्त की टीम को तलाशी के दौरान जेसीबी, महिंद्रा ट्रैक्टर, महिंद्रा टीयूवी, ऑल्टो कार और बुलेट मोटरसाइकिल सहित कई वाहन और कृषि उपकरण मिले हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 53 लाख रुपए बताई गई है।
इसके अतिरिक्त अन्य कृषि उपकरण, ट्रैक्टर और ट्रॉलियां भी सामने आई हैं। इनकी वास्तविक कीमत और स्वामित्व का आकलन किया जा रहा है। जांच के दौरान एक अन्य भवन की जानकारी भी मिली है, जिसका सत्यापन किया जा रहा है।
छापे के बाद विभाग ने किया निलंबित
लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद सहकारिता विभाग ने भी शेरसिंह ठाकुर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की है। 4 नवंबर को विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
ठाकुर नालछा एवं छोटाजामन्या प्राथमिक बहुउद्देशीय कृषि साख सहकारी संस्था में प्रभारी प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला सहकारी केंद्रीय बैंक धार की बगड़ी शाखा रहेगा। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त संगठन ने शेरसिंह ठाकुर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
यह कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर डीआईजी मनोज सिंह के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के नेतृत्व में की गई। डीएसपी आनंद चौहान, निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रतिभा तोमर और सचिन पटेरिया के नेतृत्व में तीन अलग-अलग टीमों ने सोड़पुर, नालछा और मांडव में तलाशी अभियान चलाया।
फिलहाल लोकायुक्त की टीमें दस्तावेजों, बैंक खातों, अचल संपत्तियों, वाहनों और अन्य निवेश से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही कथित अनुपातहीन संपत्ति की वास्तविक स्थिति और अंतिम आंकड़े स्पष्ट हो सकेंगे।
