बॉलीवुड के दमदार अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन, भारतीय सिनेमा ने खोया एक अनमोल सितारा
मुंबई/गोवा। हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन्हें गोवा के डोना पाउला स्थित आवास पर अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई।
नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र में हुआ था। उनका वास्तविक नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उन्होंने मराठी रंगमंच से अपने अभिनय की शुरुआत की और बाद में हिंदी सिनेमा में अपनी दमदार संवाद अदायगी, गंभीर अभिनय और अलग अंदाज से एक खास पहचान बनाई।
करीब पांच दशक लंबे करियर में उन्होंने परिंदा, क्रांतिवीर, प्रहार, तिरंगा, खामोशी, अब तक छप्पन, वेलकम, नटसम्राट जैसी कई यादगार फिल्मों में अभिनय किया। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले और वर्ष 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
नाना पाटेकर केवल अभिनेता ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते थे। महाराष्ट्र में किसानों की मदद के लिए उन्होंने ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से उल्लेखनीय काम किया। सादगी और स्पष्टवादिता उनकी पहचान थी।
उनके निधन की खबर से फिल्म जगत और देशभर के प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। अभिनेता अक्षय कुमार सहित कई फिल्मी हस्तियों और नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें भारतीय सिनेमा का एक विशिष्ट और अविस्मरणीय कलाकार बताते हुए शोक व्यक्त किया।

महाराष्ट्र सरकार ने नाना पाटेकर के सम्मान में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराने की घोषणा की है। उनका पार्थिव शरीर पुणे लाया जाएगा, जहां आम लोग भी अंतिम दर्शन कर सकेंगे।






