नई दिल्ली। डॉलर के मुकाबले दबाव झेल रहे भारतीय रुपये के लिए बुधवार को वैश्विक बाजार से कुछ राहत के संकेत मिले। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावना कम होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से रुपये पर दबाव कुछ घटा है। बाजार में रुपया करीब 95.94 से 95.99 प्रति डॉलर के आसपास खुलने का अनुमान लगाया गया था।
इससे पहले रुपया 96.1475 प्रति डॉलर के दो महीने के निचले स्तर तक पहुंच गया था। रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक की संभावित दखलअंदाजी ने भी रुपये को सहारा देने में भूमिका निभाई है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसलिए कच्चे तेल की ऊंची कीमतें रुपये और देश के आयात बिल दोनों पर दबाव बढ़ा सकती हैं। हाल में तेल की कीमतों में करीब 2.5 प्रतिशत की गिरावट ने स्थिति कुछ आसान की है। अब निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, फेड की अगली नीति और वैश्विक कच्चे तेल के भाव पर रहेगी।







