भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को लगातार दूसरे दिन दबाव देखने को मिला। RBI की ओर से रेपो रेट बढ़ाए जाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी। कारोबार के दौरान निफ्टी 50 करीब 0.54% गिरकर 22,482 के आसपास पहुंच गया, जबकि सेंसेक्स करीब 0.48% टूटकर 72,291 के करीब रहा।
बाजार की कमजोरी व्यापक रही और 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में से 14 गिरावट में रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी लगभग 0.8% तक की कमजोरी दर्ज की गई। बढ़ी हुई ब्याज दरें और महंगा कच्चा तेल निवेशकों के लिए फिलहाल दो बड़े जोखिम बने हुए हैं।
इसके उलट आईटी सेक्टर में मजबूती दिखाई दी। TCS के तिमाही नतीजों से पहले इसके शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जिससे आईटी इंडेक्स को सहारा मिला। बाजार की नजर अब कंपनियों के आने वाले तिमाही नतीजों पर रहेगी।
ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 2.2% बढ़कर 102.5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की रिपोर्ट है। भारत बड़ी मात्रा में तेल आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई, रुपये और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ा सकती हैं।






