गुना विधायक पन्नालाल शाक्य का बड़ा बयान

गुना: अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने आधुनिक परवरिश और बदलती पारिवारिक संस्कृति पर तीखा कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि हम बचपन से बच्चों के एकेडमिक नंबरों की सिर्फ इसलिए चिंता करते हैं ताकि उन्हें विदेश भेजा जा सके और बड़े पैकेज मिल सकें।

विधायक शाक्य ने मुख्य रूप से चिंता जताते हुए कहा, “हमने अपनी औलादों को पैकेज में ठूंस दिया है, ऐसी औलाद बनाएंगे तो श्रवण कुमार कहां से आएगा।” उन्होंने आगे कहा कि माता-पिता वृद्धाश्रम जाने की बात सुनने को मजबूर हैं क्योंकि हमने ऐसी औलादें बनाई हैं। यदि हमने घरों में श्रवण कुमार की चर्चा करना छोड़ दिया है और स्थानीय स्कूलों में पढ़ाकर अपने लोगों से प्रेम करना नहीं सिखाया, तो समाज से सुशासन की अपेक्षा कैसे की जा सकती है।
उन्होंने अपने निजी संस्मरण का जिक्र करते हुए बताया कि एक मित्र ने उनके बालक को इंदौर के आवासीय विद्यालय में भेजने की सलाह दी थी। आज बच्चों को मीरा, सूरदास के पद, तुलसीदास की चौपाई या कबीर और रसखान के बारे में नहीं बताया जाता, बल्कि मोबाइल थमा दिया जाता है जिससे वे उसी में उलझे रहते हैं।











