मृदुभाषी, डेस्क नई दिल्ली। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों से वसूले जाने वाले टोल टैक्स (टोल प्लाजा) से सरकार को हर साल हजारों करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में ऐसे कौन से टोल प्लाजा हैं, जहां से सबसे ज्यादा कमाई होती है?
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से लोकसभा में 20 मार्च 2025 को प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच देश के 10 सबसे ज्यादा राजस्व जुटाने वाले टोल प्लाजा ने कुल 13,988.51 करोड़ रुपये का टोल वसूला। इस सूची में गुजरात का भरथना टोल प्लाजा पहले स्थान पर रहा।
1. भरथना टोल प्लाजा, गुजरात
पहला स्थान
- राज्य: गुजरात
- राष्ट्रीय राजमार्ग: NH-48
- मार्ग: वडोदरा-भरूच
- पांच साल की कमाई: ₹2,043.81 करोड़
- वित्त वर्ष 2023-24 की कमाई: ₹472.65 करोड़
गुजरात के वडोदरा जिले के करजन तालुका के पास स्थित भरथना टोल प्लाजा देश में पांच वर्षों के कुल टोल संग्रह के मामले में पहले स्थान पर रहा। यह वडोदरा और भरूच को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं व्यावसायिक मार्ग पर स्थित है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में मालवाहक ट्रक और यात्री वाहन गुजरते हैं। Business News – The Indian Express+2
2. शाहजहांपुर टोल प्लाजा, राजस्थान
दूसरा स्थान
- राज्य: राजस्थान
- राष्ट्रीय राजमार्ग: NH-48
- मार्ग: गुरुग्राम-कोटपुतली-जयपुर
- पांच साल की कमाई: ₹1,884.46 करोड़
शाहजहांपुर टोल प्लाजा दिल्ली से जयपुर और आगे मुंबई की ओर जाने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। यह दिल्ली-मुंबई सड़क संपर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मार्ग पर यात्री वाहनों के साथ भारी संख्या में व्यावसायिक और मालवाहक वाहन भी आवाजाही करते हैं। पांच वर्षों में इस टोल प्लाजा ने 1,884.46 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया।
3. जलाधुलागोरी टोल प्लाजा, पश्चिम बंगाल
तीसरा स्थान
- राज्य: पश्चिम बंगाल
- राष्ट्रीय राजमार्ग: NH-16
- मार्ग: धनकुनी-खड़गपुर
- पांच साल की कमाई: ₹1,538.91 करोड़
पश्चिम बंगाल का जलाधुलागोरी टोल प्लाजा देश के सबसे अधिक राजस्व देने वाले टोल प्लाजा में तीसरे स्थान पर है। यह धनकुनी-खड़गपुर मार्ग पर स्थित है। राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पूर्वी तट के प्रमुख शहरों को जोड़ता है और गोल्डन क्वाड्रिलेटरल परियोजना का भी हिस्सा है। इस मार्ग से लंबी दूरी के यात्री और मालवाहक वाहन गुजरते हैं।
4. बाराजोर टोल प्लाजा, उत्तर प्रदेश
चौथा स्थान
- राज्य: उत्तर प्रदेश
- राष्ट्रीय राजमार्ग: NH-19
- मार्ग: इटावा-चकेरी (कानपुर)
- पांच साल की कमाई: ₹1,480.75 करोड़
उत्तर प्रदेश का बाराजोर टोल प्लाजा इटावा से कानपुर के चकेरी क्षेत्र को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। यह ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रंक रोड के प्रमुख हिस्से में आता है। इस मार्ग का इस्तेमाल उत्तर भारत के विभिन्न शहरों के बीच माल और यात्रियों के परिवहन के लिए किया जाता है। पांच वर्षों में यहां 1,480.75 करोड़ रुपये का टोल संग्रह हुआ।
5. घरौंडा टोल प्लाजा, हरियाणा
पांचवां स्थान
- राज्य: हरियाणा
- राष्ट्रीय राजमार्ग: NH-44
- मार्ग: पानीपत-जालंधर
- पांच साल की कमाई: ₹1,314.37 करोड़
हरियाणा का घरौंडा टोल प्लाजा पानीपत-जालंधर मार्ग पर स्थित है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग-44 का हिस्सा है, जो श्रीनगर से कन्याकुमारी तक जाता है। इस हाईवे पर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच बड़ी संख्या में वाहन आवाजाही करते हैं। पांच वर्षों में इस टोल प्लाजा से 1,314.37 करोड़ रुपये का राजस्व मिला।
6. चोर्यासी टोल प्लाजा, गुजरात
- राज्य: गुजरात
- राष्ट्रीय राजमार्ग: NH-48
- मार्ग: भरूच-सूरत
- पांच साल की कमाई: ₹1,272.57 करोड़
गुजरात का चोर्यासी टोल प्लाजा भरूच और सूरत के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर स्थित है। सूरत देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों में शामिल है। इस मार्ग पर कपड़ा, हीरा और अन्य उद्योगों से जुड़े व्यावसायिक परिवहन के साथ निजी वाहनों की भी आवाजाही रहती है। पांच साल में यहां 1,272.57 करोड़ रुपये का टोल संग्रह हुआ। Business News – The Indian Express+2
7. ठिकरिया/जयपुर टोल प्लाजा, राजस्थान
- राज्य: राजस्थान
- राष्ट्रीय राजमार्ग: NH-48
- मार्ग: जयपुर-किशनगढ़
- पांच साल की कमाई: ₹1,161.19 करोड़
ठिकरिया टोल प्लाजा जयपुर-अजमेर राजमार्ग क्षेत्र में स्थित है। यह जयपुर और किशनगढ़ के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के प्रमुख हिस्से से जुड़ा है। जयपुर पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र है। वहीं किशनगढ़ भी व्यापारिक और परिवहन गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इन दोनों क्षेत्रों के बीच यातायात इस टोल प्लाजा के राजस्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
8. एलएंडटी कृष्णागिरी थोपुर टोल प्लाजा, तमिलनाडु
- राज्य: तमिलनाडु
- राष्ट्रीय राजमार्ग: NH-44
- मार्ग: कृष्णागिरी-थुम्बिपाडी
- पांच साल की कमाई: ₹1,124.18 करोड़
तमिलनाडु का एलएंडटी कृष्णागिरी थोपुर टोल प्लाजा कृष्णागिरी-थुम्बिपाडी सड़क खंड पर स्थित है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग-44 का हिस्सा है। दक्षिण भारत में औद्योगिक और व्यापारिक परिवहन के लिहाज से यह मार्ग महत्वपूर्ण है। इस टोल प्लाजा ने पांच वित्त वर्षों में 1,124.18 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया। Business News – The Indian Express+1
9. नवाबगंज टोल प्लाजा, उत्तर प्रदेश
- राज्य: उत्तर प्रदेश
- राष्ट्रीय राजमार्ग: NH-25 (पुराना नंबर)
- मार्ग: कानपुर-अयोध्या
- पांच साल की कमाई: ₹1,096.91 करोड़
उत्तर प्रदेश का नवाबगंज टोल प्लाजा कानपुर-अयोध्या मार्ग पर स्थित है। यह मार्ग राज्य के प्रमुख शहरी और धार्मिक केंद्रों को जोड़ता है। कानपुर एक बड़ा औद्योगिक शहर है, जबकि अयोध्या धार्मिक पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण है। इस मार्ग पर निजी वाहनों, बसों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही होती है। पांच वर्षों में यहां 1,096.91 करोड़ रुपये का टोल राजस्व प्राप्त हुआ।
10. सासाराम टोल प्लाजा, बिहार
- राज्य: बिहार
- राष्ट्रीय राजमार्ग: NH-2 (पुराना नंबर)
- मार्ग: वाराणसी-औरंगाबाद
- पांच साल की कमाई: ₹1,071.36 करोड़
बिहार का सासाराम टोल प्लाजा वाराणसी-औरंगाबाद मार्ग पर स्थित है। यह पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग-2 है, जो ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रंक रोड का हिस्सा रहा है। यह मार्ग बिहार को उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पांच वर्षों में इस टोल प्लाजा ने 1,071.36 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया। Business News – The Indian Express+1
सभी 10 टोल प्लाजा की कुल कमाई
पांच वर्षों का टोल राजस्व
वित्त वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक, करोड़ रुपये में।
शाहजहांपुर
राजस्व1.9K करोड़
0 करोड़550 करोड़1.1K करोड़1.6K करोड़2.2K करोड़भरथनाशाहजहांपुरजलाधुलागोरीबाराजोरघरौंडाचोर्यासीठिकरियाकृष्णागिरीनवाबगंजसासाराम
इन सभी दस टोल प्लाजा ने मिलकर पांच वर्षों में 13,988.51 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया। इसी अवधि में देशभर के सभी टोल प्लाजा से लगभग 1.93 लाख करोड़ रुपये की वसूली हुई। Business News – The Indian Express+1
महत्वपूर्ण संपादकीय नोट: कुछ टोल प्लाजा के नाम और पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग नंबरों में अलग-अलग स्रोतों में वर्तनी या नंबरिंग का अंतर मिलता है। ऊपर मार्गों की पहचान उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार दी गई है। फोटो के मामले में जहां टोल की विशिष्ट तस्वीर मिली है, वहां वही लगाई गई है; अन्य जगहों पर संबंधित टोल/मार्ग की खोज के आधार पर तस्वीर दिखाई गई है। प्रकाशन से पहले फोटो की वास्तविक लोकेशन और उपयोग-अधिकार की पुष्टि कर लें।
