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सनसनीखेज: रियाद एयरपोर्ट पर दहलाने वाला हमला

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मिसाइल गिरने से 12 की मौत, 300+ घायल; एयर इंडिया समेत कई उड़ानें ठप!

रियाद/वाशिंगटन। सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को एक भीषण और खौफनाक हमला हुआ, जिसने पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी है। एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल पर एक मिसाइल के सीधे टकराने से हुए जोरदार धमाके में 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 300 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।

इस भयावह घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में हड़कंप मच गया है। पिछले 24 घंटों के भीतर अकेले इस एयरपोर्ट की कम से कम 225 उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। रियाद एयरपोर्ट पर पिछले 20 दिनों के भीतर यह चौथा बड़ा हमला है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

मृतकों में कई देशों के नागरिक शामिल
इस दिल दहला देने वाले हादसे में मारे गए 12 लोगों में 4 सऊदी नागरिक, 2 बांग्लादेशी और अमेरिका, फिलिस्तीन, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया व सूडान के 1-1 नागरिक शामिल हैं। धमाके के तुरंत बाद पूरे एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए दर्जनों एंबुलेंस तेजी से एयरपोर्ट की ओर दौड़ती नजर आईं। प्रशासन ने तुरंत पूरे एयरपोर्ट को खाली कराकर सभी उड़ानों पर रोक लगा दी।

हूतियों की चेतावनी और यमन में बढ़ता युद्ध
भले ही अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी संगठन ने इस हमले की सीधी जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इसके पीछे यमन के हूती विद्रोहियों का हाथ होने का पुख्ता शक जताया जा रहा है। हूतियों ने इस हफ्ते ही अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को कड़ी चेतावनी दी थी कि सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में उड़ानें चलाने के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

गौरतलब है कि यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी सेना के बीच संघर्ष अपने चरम पर पहुंच चुका है। सऊदी लड़ाकू विमान लगातार हूती ठिकानों को नेस्तनाबूद कर रहे हैं, जिसका मकसद दुनिया के बेहद अहम व्यापारिक व तेल आपूर्ति मार्ग ‘बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट’ और लाल सागर के पास हूतियों के कब्जे वाले इलाकों को मुक्त कराना है। इसी जवाबी कार्रवाई में हूती अब सऊदी एयरपोर्ट्स और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे हैं।

ट्रम्प की दो टूक: “मैं बिल्कुल खुश नहीं हूं”
लगातार हो रहे हमलों के बाद सऊदी अरब ने अमेरिका और पश्चिमी सहयोगियों से सैन्य व खुफिया मदद की गुहार लगाई है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमलों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए दो टूक कहा, “यह बिल्कुल अच्छा नहीं है और मैं इन हालात से बिल्कुल खुश नहीं हूं।” इसके बावजूद, अमेरिका ने फिलहाल इस सीधे संघर्ष से दूरी बनाए रखी है और अभी तक किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष सैन्य मदद का कोई संकेत नहीं दिया है।

एयर इंडिया समेत कई बड़ी एयरलाइंस ने रोकीं उड़ानें
सऊदी अरब के आसमान में मंडराते खतरे को देखते हुए एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) ने रियाद और अन्य सऊदी एयरपोर्ट्स के लिए अपनी विमान सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए रोक दी हैं। यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी ने भी अपनी चेतावनी को अपडेट करते हुए कहा है कि हूती विद्रोही अब सऊदी सीमा के भीतर अंदर तक घातक हमले करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

रियाद एयरपोर्ट पर हमलों का खौफनाक सिलसिलेवार रिकॉर्ड:
19 सितंबर 2026: एयरपोर्ट के ईंधन भंडारण क्षेत्र के पास हमला, जिससे भारी आग लगी और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया।

7 अक्टूबर 2026: रियाद और आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए हमलों में एक सूडानी नागरिक की मौत और 8 अन्य घायल हुए।

8 अक्टूबर 2026: एयरपोर्ट पर दोहरे हमले; एक प्रशासनिक सुविधाओं पर और दूसरा सऊदी एयरलाइंस के खड़े विमान (एयरबस A320) पर। इस हमले में सऊदी पायलट कैप्टन हमूद अली अल-कलीसामी सहित 3 नागरिकों की जान चली गई थी।

शनिवार को हुए इस सबसे बड़े हमले ने मध्य पूर्व के सामरिक समीकरणों को एक बार फिर तनावपूर्ण मोड़ पर ला खड़ा कर दिया है।

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