नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए यह सप्ताह भारी गिरावट वाला रहा। सप्ताह भर की बिकवाली में बीएसई सेंसेक्स करीब 2,000 अंक (लगभग 2.7%) टूट गया, जबकि निफ्टी 50 में करीब 3.1% की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान शेयर बाजार के कुल बाजार पूंजीकरण (Market Capitalisation) में लगभग ₹15 लाख करोड़ की कमी आई, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा।
गिरावट की प्रमुख वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में कमजोरी के पीछे कई बड़े कारण रहे—
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल।
अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से उभरते बाजारों से पूंजी निकासी।
पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव।
डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी।
बैंकिंग, ऑटो, मेटल और रियल एस्टेट शेयरों में भारी बिकवाली।
तकनीकी स्तर टूटने से निवेशकों में घबराहट बढ़ना।
आगे क्या रहेगा मार्केट ट्रेंड?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगले सप्ताह भी बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों की नजर विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक घटनाक्रम और भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियों पर रहेगी। यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है और विदेशी बिकवाली कम होती है, तो बाजार में तकनीकी सुधार देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में गिरावट के दौरान घबराकर निवेश बेचने से बचना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत बुनियादी कंपनियों में निवेश बनाए रखने और किसी भी नए निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता तथा वित्तीय सलाहकार की सलाह को ध्यान में रखने की सलाह दी जाती है।