नवरात्रि में नलखेड़ा के मां बगलामुखी मंदिर में नहीं रहेगा ‘वीआईपी’ कल्चर: गर्भगृह में प्रवेश पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध, 30 मिनट में दर्शन का लक्ष्य; बने नए हवन कुंड
शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर आगर-मालवा जिले के प्रसिद्ध नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन कराने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इस बार नवरात्रि के नौ दिनों तक मंदिर में ‘वीआईपी’ और ‘आम नागरिक’ का कोई भेद नहीं रहेगा। वीआईपी सहित किसी भी श्रद्धालु को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी भक्तों को एक समान व्यवस्था के तहत ही जगतजननी के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।
महज 30 मिनट में मां के दर्शन का लक्ष्य
देशभर से उमड़ने वाले लाखों भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर समिति ने पार्किंग स्थल से लेकर दर्शन स्थल तक विशेष योजना तैयार की है। श्रद्धालुओं को वाहनों की पार्किंग के बाद करीब 100 मीटर पैदल चलकर ‘त्रिशूल मंडपम’ पहुँचना होगा। यहाँ चार अलग-अलग कतारों (लाइनों) के माध्यम से दर्शन की व्यवस्था की जा रही है। मंदिर समिति का दावा है कि भारी भीड़ के बावजूद प्रत्येक श्रद्धालु को लगभग आधे घंटे के भीतर दर्शन कराने का प्रयास रहेगा। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए पास के निर्धारित पार्किंग स्थल भरने पर वैकल्पिक स्थलों पर वाहनों को पार्क कराया जाएगा।
अष्टमी पर उमड़ेगा एक लाख श्रद्धालुओं का जनसैलाब
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, नवरात्रि में प्रतिदिन औसतन 30 हजार से अधिक श्रद्धालु मां के दरबार में मत्था टेकने पहुँचेंगे। वहीं अवकाश के दिनों में यह संख्या बढ़कर 60 हजार और महानवमी-अष्टमी के अवसर पर लगभग एक लाख तक पहुँचने का अनुमान है। इस अपार जनसैलाब को नियंत्रित करने के लिए पूरे मंदिर परिसर में मुस्तैदी बढ़ाई जा रही है।
हवन के लिए बने नए कुंड, ऑनलाइन बुकिंग की भी सुविधा
त्रिगुणमयी मां बगलामुखी मंदिर में शत्रु बाधा निवारण, न्याय-विवाद में विजय और मनोकामना पूर्ति हेतु हवन का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इस बार हवनार्थियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए नए हवन कुंड तैयार किए गए हैं ताकि किसी को लंबा इंतजार न करना पड़े। मंदिर समिति ने प्रति हवन कुंड 350 रुपये शुल्क निर्धारित किया है। इसके साथ ही मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था भी शुरू की गई है।
पेयजल, स्वास्थ्य और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कतारों में खड़े श्रद्धालुओं को गर्मी और धूप से बचाने के लिए छांव तथा शीतल पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाएगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की टीम मौजूद रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए परिसर में अस्थाई पुलिस चौकी स्थापित की जा रही है, जबकि पूरे क्षेत्र पर सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जाएगी।