दिवाली तक टला मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने का फैसला!
मुदुभाषी (डिजिटल डेस्क)। डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करने वाले आम ग्राहकों और कारोबारियों के लिए त्यौहारों के इस सीजन में एक बहुत ही राहत भरी और राहत की बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एक अहम फैसला लेते हुए चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने की प्रक्रिया को फिलहाल दिवाली तक के लिए स्थगित कर दिया है। सरकार और एनपीसीआई का मानना है कि त्यौहारी सीजन में राहत की बड़ी खबर मिलने से बाजार में खरीदारी का उत्साह बना रहेगा और छोटे-बड़े व्यापारियों को किसी भी तरह की असमंजस का सामना नहीं करना पड़ेगा।
यह राहत की बड़ी खबर न सिर्फ दुकानदारों बल्कि आम उपभोक्ताओं के चेहरों पर भी मुस्कान लेकर आई है। एनपीसीआई की यूपीआई एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी द्वारा जारी इस फैसले को डिजिटल इकोसिस्टम के लिए राहत की बड़ी खबर के रूप में देखा जा रहा है। अगर आप भी प्रतिदिन यूपीआई के जरिए लेनदेन करते हैं, तो आपके लिए भी यह राहत की बड़ी खबर काफी मायने रखती है। आइए जानते हैं कि इस फैसले से किसे फायदा मिलेगा और एमडीआर के लागू होने के बाद आम लोगों व मर्चेंट्स पर क्या असर पड़ेगा:
दिवाली तक पुरानी व्यवस्था रहेगी लागू: दिवाली के पावन पर्व तक मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी और किसी भी तरह का नया एमडीआर शुल्क नहीं जोड़ा जाएगा। यह दुकानदारों के लिए राहत की बड़ी खबर है कि वे त्यौहारी बिक्री का पूरा लाभ बिना अतिरिक्त लागत के उठा सकेंगे।
2,000 रुपये तक के भुगतानों पर शून्य एमडीआर: 2,000 रुपये तक के सामान्य मर्चेंट लेनदेन पर कोई शुल्क लागू नहीं होगा। रोजमर्रा की खरीदारी करने वाले आम ग्राहकों के लिए भी यह राहत की बड़ी खबर है।
छोटे दुकानदारों को विशेष छूट: ऐसे पात्र मर्चेंट जो क्यूआर कोड के माध्यम से हर महीने 1 लाख रुपये तक का भुगतान प्राप्त करते हैं, वे शून्य-एमडीआर दायरे में ही बने रहेंगे।
व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) लेनदेन पूरी तरह मुफ्त: यदि आप किसी रिश्तेदार या दोस्त को यूपीआई से पैसे भेज रहे हैं, तो यह सेवा पहले की तरह बिल्कुल मुफ्त रहेगी।
सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था से लगभग 96 प्रतिशत मर्चेंट ट्रांजैक्शन प्रभावित नहीं होंगे। आम जनता के लिए यह राहत की बड़ी खबर स्पष्ट करती है कि हर डिजिटल भुगतान पर शुल्क कटने की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। नई व्यवस्था की सटीक तारीख की घोषणा दिवाली के बाद की जाएगी, तब तक सभी उपभोक्ता और व्यापारी इस राहत की बड़ी खबर का आनंद लेते हुए बेफिक्र होकर डिजिटल लेनदेन कर सकते हैं।