रानी कमलापति स्टेशन पर यात्रियों को ट्रेन से उतारकर मारपीट करने का आरोप, चेन पुलिंग की भी चर्चा; जीआरपी बोली- न शिकायत मिली, न सूचना
भोपाल। रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों के बीच राजधानी भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर एसी दुरंतो एक्सप्रेस में हंगामे का मामला सामने आया है। दिल्ली सराय रोहिल्ला से यशवंतपुर जा रही ट्रेन में पैंट्री कर्मचारियों और यात्रियों के बीच विवाद होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद चेन पुलिंग की गई और ट्रेन के रानी कमलापति स्टेशन पहुंचने पर कुछ यात्रियों को नीचे उतारकर उनके साथ मारपीट की गई। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
हालांकि, विवाद की असली वजह क्या थी, मारपीट के आरोपों में कितनी सच्चाई है और घटनाक्रम के दौरान रेलवे सुरक्षा बलों की क्या भूमिका रही, इसे लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जीआरपी के अनुसार, फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
दुरंतो एक्सप्रेस में कैसे शुरू हुआ विवाद?
जानकारी के अनुसार, ट्रेन नंबर 12214 दिल्ली सराय रोहिल्ला-यशवंतपुर एसी दुरंतो एक्सप्रेस में पैंट्री वेंडर्स और कुछ यात्रियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। बताया जा रहा है कि शुरुआत में हुई कहासुनी ने बाद में गंभीर रूप ले लिया।
आरोप है कि विवाद के दौरान चेन पुलिंग की गई। इसके बाद ट्रेन के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पहुंचने पर पैंट्री के कुछ कर्मचारियों ने यात्रियों को नीचे उतारा और उनके साथ मारपीट की।
हालांकि, विवाद किस बात पर शुरू हुआ, कितने यात्री इसमें शामिल थे और मारपीट की घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। वायरल वीडियो के संबंध में भी आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।
वायरल वीडियो के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। घटना को लेकर यह दावा भी किया जा रहा है कि हंगामे के दौरान मौके पर केवल एक महिला पुलिसकर्मी दिखाई दे रही थी।
यदि विवाद के दौरान पर्याप्त सुरक्षा बल मौजूद नहीं था, तो यह रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। हालांकि, मौके पर वास्तव में कितने सुरक्षाकर्मी तैनात थे और उन्होंने घटनाक्रम के दौरान क्या कार्रवाई की, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थान पर यात्रियों और कर्मचारियों के बीच विवाद बढ़ने की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की जांच और तथ्यों का स्पष्ट होना जरूरी है।
जीआरपी का दावा- न शिकायत मिली, न सूचना
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की जीआरपी के अनुसार, इस मामले में अब तक किसी यात्री ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पैंट्री कर्मचारियों की ओर से भी विवाद को लेकर कोई सूचना मिलने की बात सामने नहीं आई है।
शिकायत दर्ज नहीं होने के कारण फिलहाल मामले में आधिकारिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है। मारपीट के आरोपों, विवाद की वजह और वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम की पुष्टि भी बाकी है।
यात्रियों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
दुरंतो एक्सप्रेस में सामने आए इस कथित विवाद ने रेल यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन में तैनात कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच विवाद होने की स्थिति में समय पर हस्तक्षेप और उचित कार्रवाई जरूरी है, ताकि मामला बढ़ने से रोका जा सके।
अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन इस घटना का संज्ञान लेकर जांच करता है या नहीं और वायरल वीडियो के आधार पर घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आती है या नहीं।
फिलहाल, मामले में शिकायत दर्ज नहीं होने और आधिकारिक पुष्टि के अभाव में मारपीट के आरोपों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों और रेलवे प्रशासन की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।