Mumbai News: मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े को धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद हड़कंप। अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ को निशाना बनाने और दिलजीत दोसांझ पर हमले की धमकी का दावा; पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते ने शुरू की जांच।

मुंबई। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन और पंजाबी गायक एवं अभिनेता दिलजीत दोसांझ को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े को एक धमकी भरा ई-मेल भेजे जाने की जानकारी मिली। इसमें अमिताभ बच्चन के जुहू स्थित बंगले ‘जलसा’ को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। ई-मेल में दिलजीत दोसांझ को भी निशाना बनाने की बात कही गई है।
धमकी मिलने के बाद मुंबई पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। ई-मेल की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते की टीमों ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) मुख्यालय में तलाशी अभियान चलाया। मेयर और डिप्टी मेयर के कार्यालयों सहित विभिन्न कक्षों की जांच की गई।
फिलहाल पुलिस ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने और धमकी की वास्तविकता का पता लगाने में जुटी है।
अमिताभ बच्चन के ‘जलसा’ को निशाना बनाने की धमकी
रिपोर्ट के मुताबिक, धमकी भरे ई-मेल में अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ को बम से उड़ाने की बात लिखी गई थी। इसमें 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच किसी भी समय हमले की आशंका जताई गई।
ई-मेल में कथित तौर पर इस धमकी को 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार का बदला लेने से भी जोड़ा गया। हालांकि, ई-मेल में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदेश किसने भेजा और इसके पीछे किसका हाथ है।
दिलजीत दोसांझ पर आत्मघाती हमले की धमकी
इसी ई-मेल में गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ को भी निशाना बनाने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, संदेश में दावा किया गया कि अमिताभ बच्चन के पैर छूने के कारण दिलजीत को निशाना बनाया जाएगा।
ई-मेल में 27 नवंबर को मुंबई के महालक्ष्मी रेस कोर्स में दिलजीत पर आत्मघाती हमले की धमकी का भी उल्लेख किया गया। पुलिस इन दावों की जांच कर रही है। फिलहाल इसे किसी वास्तविक हमले की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
मेयर कार्यालय पहुंचीं पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीमें
धमकी भरा ई-मेल सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से तत्काल जांच शुरू की। पुलिस के साथ डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते की टीमें बीएमसी मुख्यालय पहुंचीं।
मेयर और डिप्टी मेयर कार्यालय सहित विभिन्न कक्षों की तलाशी ली गई। अधिकारियों का उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे का पता लगाना और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना था।
साथ ही, मुंबई पुलिस और साइबर सेल ई-मेल की जांच में जुटे हैं। संदेश कहां से भेजा गया, इसके पीछे कौन है और क्या इसमें किसी वास्तविक हमले की योजना शामिल है—इन सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के पांच दिन बाद धमकी
मुंबई में यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद जुहू इलाके से निकल रहे थे। इसी दौरान उनकी कार को निशाना बनाकर पांच राउंड फायरिंग की गई। घटना में टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी दी गई।
इस मामले में रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार लोगों में हरियाणा के सात आरोपी, उत्तर प्रदेश की दो महिलाएं और बिहार का एक युवक शामिल बताया गया है।
हालांकि, अमिताभ बच्चन और दिलजीत दोसांझ को मिली धमकी का इस फायरिंग की घटना से कोई संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
मुंबई के चार स्कूलों को भी मिले धमकी भरे ई-मेल
इसी बीच मुंबई के दादर इलाके के करीब चार स्कूलों को भी शुक्रवार सुबह धमकी भरे ई-मेल मिलने की जानकारी सामने आई। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने स्कूल परिसरों की तलाशी ली।
रिपोर्ट के मुताबिक, तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। हालांकि, धमकी भरे संदेशों के कारण कुछ समय के लिए स्कूल परिसरों में चिंता का माहौल रहा।
पुलिस इन ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि अलग-अलग स्थानों पर मिले धमकी भरे संदेशों के बीच कोई संबंध है या ये अलग-अलग घटनाएं हैं।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
अमिताभ बच्चन और दिलजीत दोसांझ को निशाना बनाने की धमकी, बीएमसी मुख्यालय में तलाशी और स्कूलों को मिले ई-मेल के बाद मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।
फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि धमकी भरे ई-मेल के पीछे कौन है और क्या इन संदेशों में कोई वास्तविक खतरा छिपा है। पुलिस की जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।