मृदुभाषी, मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कारोबार शुरू होते ही दलाल स्ट्रीट पर ऐसी खरीदारी आई कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने लंबी छलांग लगा दी। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत और वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल ने भारतीय निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार को अतिरिक्त मजबूती दी।
शुरुआती कारोबार में बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1,403.71 अंक यानी करीब 1.81 फीसदी उछलकर 78,689.87 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह एनएसई का निफ्टी 378.85 अंक की बढ़त के साथ 24,340.40 पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार की इस तेजी ने निवेशकों के चेहरे खिला दिए।
गिफ्ट निफ्टी ने पहले ही दे दिए थे तेजी के संकेत
भारतीय बाजार खुलने से पहले ही गिफ्ट निफ्टी ने मजबूत शुरुआत के संकेत दे दिए थे। एनएसई आईएफएससी पर गिफ्ट निफ्टी 377 अंक यानी 1.57 फीसदी की बढ़त के साथ 24,327 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इससे बाजार में गैप-अप ओपनिंग की उम्मीद मजबूत हो गई थी और कारोबार शुरू होते ही इसका असर दिखाई दिया।
शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपये को भी मजबूती मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 94.32 के स्तर पर पहुंच गया।
अमेरिकी चुनाव के नतीजों ने बढ़ाया वैश्विक बाजारों का उत्साह
बाजार में तेजी के पीछे अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत को एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। चुनावी नतीजों के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला। निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है। इससे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता कम होने और कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताएं घटने की उम्मीद बढ़ी है।
इसी सकारात्मक धारणा के बीच कच्चे तेल की कीमतें फिसलकर दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गईं। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह राहत की खबर है। तेल की कीमतें कम होने से आयात बिल और महंगाई के दबाव में कमी आने की उम्मीद रहती है। यही वजह है कि कच्चे तेल में गिरावट को भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
एशियाई बाजारों से लेकर वॉल स्ट्रीट तक हर तरफ हरियाली
तेजी का यह रुझान केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रहा। एशियाई बाजारों में भी गुरुवार को खरीदारी का माहौल रहा। जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख शेयर सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई, जिससे एमएससीआई एशिया प्रशांत सूचकांक 0.3 फीसदी ऊपर पहुंच गया।
अमेरिकी बाजारों में भी निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। एसएंडपी 500 सूचकांक 1.6 फीसदी उछल गया। यह पिछले तीन महीनों में इस सूचकांक की सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त रही। वहीं, टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों पर केंद्रित नैस्डैक 100 सूचकांक में भी 0.9 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
आगे भी बाजार की नजर वैश्विक संकेतों पर
विशेषज्ञों के लिए अब सबसे अहम सवाल यह है कि वैश्विक बाजारों की यह तेजी कितनी टिकाऊ साबित होती है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिका-ईरान तनाव की स्थिति और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
फिलहाल गुरुवार की मजबूत शुरुआत ने बाजार में उत्साह जरूर बढ़ा दिया है। हालांकि, निवेशकों के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि शुरुआती तेजी पूरे कारोबारी सत्र में बनी रहे, यह जरूरी नहीं है।

