मृदुभाषी डेस्क, नई दिल्ली। आपके घर भी कुछ महीने पहले जनगणना के कर्मचारी आए होंगे। उन्होंने मकान, पानी, बिजली, शौचालय, रसोई और इंटरनेट जैसी सुविधाओं के बारे में जानकारी जुटाई होगी। अब जनगणना 2027 का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है। इस बार सरकार परिवार के प्रत्येक सदस्य की व्यक्तिगत, सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी जुटाएगी।
खास बात यह है कि इस बार आपको गणनाकर्मी के घर आने का इंतजार करना जरूरी नहीं होगा। सरकार ने स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा भी दी है। इसके जरिए आप घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे।
लेकिन जनगणना के कर्मचारी आपके घर कब पहुंचेंगे? इस बार कितने सवाल पूछे जाएंगे? क्या आधार और मोबाइल नंबर की जानकारी भी देनी होगी? ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद क्या करना होगा? और आपकी निजी जानकारी कितनी सुरक्षित रहेगी? आइए, जनगणना 2027 से जुड़े सभी जरूरी सवालों के जवाब आसान भाषा में समझते हैं।
जनगणना 2027 का पूरा कार्यक्रम क्या है?
जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जा रही है।
पहला चरण: मकान सूचीकरण और आवास जनगणना
इस चरण में मकान की स्थिति, परिवार को मिलने वाली सुविधाओं और घर में उपलब्ध संसाधनों से संबंधित जानकारी जुटाई गई। देशभर में इसके लिए अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच अलग-अलग राज्यों में 30 दिनों की अवधि निर्धारित की गई थी। उत्तर प्रदेश में यह काम 22 मई से 20 जून 2026 तक हुआ था।
दूसरा चरण: जनसंख्या गणना
अब दूसरे चरण में परिवार के प्रत्येक सदस्य से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें उम्र, शिक्षा, रोजगार, वैवाहिक स्थिति, भाषा, धर्म, जाति और प्रवास जैसी जानकारियां शामिल होंगी।
ज्यादातर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में इस चरण का कार्यक्रम इस प्रकार है:
| गतिविधि | निर्धारित तारीख |
|---|---|
| ऑनलाइन स्व-गणना | 10 से 24 जनवरी 2027 |
| घर-घर जाकर जनगणना | 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 |
| पुनरीक्षण चरण | 1 से 5 मार्च 2027 |
हालांकि, उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों और क्षेत्रों के लिए अलग कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
2. किन राज्यों में अलग समय पर होगी जनगणना?
देश के सभी राज्यों में जनगणना का दूसरा चरण एक साथ नहीं होगा। कुछ राज्यों और क्षेत्रों के लिए अलग कार्यक्रम रखा गया है।
- उत्तर प्रदेश, पंजाब और गोवा: विधानसभा चुनावों को देखते हुए इन राज्यों में जनसंख्या गणना दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच होगी।
- उत्तराखंड: बर्फ से प्रभावित क्षेत्रों को छोड़कर बाकी हिस्सों में उत्तर प्रदेश के साथ जनगणना होगी।
- मणिपुर: राज्य में मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए जनगणना का कार्यक्रम अगली अधिसूचना तक टाल दिया गया है।
- लद्दाख और बर्फीले क्षेत्र: लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के बर्फ से प्रभावित इलाकों में अलग समय पर गणना होगी।
इन क्षेत्रों में मौसम, भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखकर कार्यक्रम तय किया जाएगा।
क्या घर बैठे खुद भर सकते हैं जनगणना का फॉर्म?
हां। जनगणना 2027 में सरकार ने स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा दी है। इसके जरिए आप घर बैठे अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में यह सुविधा 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
स्व-गणना करना अनिवार्य नहीं है। यदि आप ऑनलाइन जानकारी नहीं भरना चाहते तो गणनाकर्मी के घर आने पर भी जानकारी दे सकते हैं।
ऑनलाइन स्व-गणना फॉर्म कैसे भरें? जानिए पूरा तरीका
स्व-गणना की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इसे कुछ चरणों में समझा जा सकता है।
स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल खोलें
मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउजर में जनगणना का स्व-गणना पोर्टल खोलें। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट se.census.gov.in पर जाएं।
स्टेप 2: राज्य चुनकर सत्यापन करें
अपने राज्य या केंद्रशासित प्रदेश का चयन करें। इसके बाद निर्धारित जानकारी भरें और परिवार के मुखिया का नाम तथा मोबाइल नंबर दर्ज करें। मोबाइल पर प्राप्त OTP के जरिए सत्यापन पूरा करें।
स्टेप 3: घर की लोकेशन दर्ज करें
लॉगिन के बाद जिला, गांव या शहर और पिनकोड जैसी जानकारी भरें। इसके बाद उपलब्ध डिजिटल नक्शे पर अपने मकान की सही लोकेशन चिह्नित करें।
स्टेप 4: पूछे गए सवालों के जवाब दें
फॉर्म में परिवार और उसके सदस्यों से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे। सभी जानकारियां ध्यानपूर्वक और सही-सही भरें।
स्टेप 5: जानकारी जांचकर सबमिट करें
फॉर्म भरने के बाद प्रीव्यू में सभी जवाब जांच लें। कोई गलती होने पर उसे ठीक करें और फिर फाइनल सबमिट करें।
फॉर्म सफलतापूर्वक जमा होने के बाद 11 अंकों की विशेष पहचान संख्या मिलेगी, जिसे SE ID कहा जाता है।
SE ID मिलने के बाद क्या करना होगा?
ऑनलाइन फॉर्म जमा करने के बाद मिलने वाली 11 अंकों की SE ID को संभालकर रखना जरूरी है। इसका स्क्रीनशॉट ले सकते हैं या प्रिंट निकालकर रख सकते हैं।
जब जनगणना कर्मचारी आपके घर पहुंचेंगे, तब उन्हें यह पहचान संख्या दिखानी होगी। इससे वे आपके द्वारा ऑनलाइन दर्ज की गई जानकारी का मिलान और सत्यापन कर सकेंगे।
दूसरे चरण में कितने सवाल पूछे जाएंगे?
जनगणना 2027 के दूसरे चरण में कुल 40 सवालों का प्रश्नपत्र निर्धारित किया गया है। तुलना करें तो 2011 की जनगणना में 29 सवाल पूछे गए थे। इस बार सवालों का दायरा बढ़ाया गया है।
इनमें प्रमुख रूप से निम्न जानकारियां शामिल हैं:
- परिवार के प्रत्येक सदस्य का नाम और अन्य व्यक्तिगत विवरण।
- माता-पिता तथा पति या पत्नी से संबंधित जानकारी।
- धर्म और जाति से संबंधित विवरण।
- घोषित राष्ट्रीयता और स्थायी निवास का पता।
- जन्म स्थान और पहले कहां निवास करते थे।
- शिक्षा का स्तर और डिजिटल साक्षरता।
- रोजगार, व्यवसाय और काम पर जाने से जुड़ी जानकारी।
- दिव्यांगता और मातृभाषा सहित भाषा संबंधी विवरण।
- परिवार के सदस्यों के बैंक खातों की कुल संख्या।
- मोबाइल नंबर, आधार और मतदाता पहचान पत्र से जुड़ी जानकारी।
- पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता।
- कोविड-19 टीकाकरण से संबंधित जानकारी।
कुछ सवाल परिवार के सभी सदस्यों के लिए समान होंगे, जबकि कुछ सवाल व्यक्ति की उम्र, वैवाहिक स्थिति और अन्य परिस्थितियों के आधार पर लागू होंगे।
इस बार जनगणना डिजिटल तरीके से कैसे होगी?
जनगणना 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना है। इस बार कागजी रिकॉर्ड पर निर्भरता कम करते हुए मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जानकारी जुटाने की व्यवस्था की गई है।
इसके लिए चार प्रमुख डिजिटल व्यवस्थाएं तैयार की गई हैं।
पहली: जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली
इस प्रणाली के जरिए जनगणना के काम की निगरानी की जाएगी। अधिकारी जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर देख सकेंगे कि किस क्षेत्र में कितना काम पूरा हुआ है।
दूसरी: मोबाइल एप
गणनाकर्मी मोबाइल एप के जरिए घरों और परिवारों की जानकारी दर्ज करेंगे। यह एप बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी काम कर सकेगा। इंटरनेट उपलब्ध होने पर दर्ज आंकड़ों को सरकारी सर्वर पर भेजा जा सकेगा।
तीसरी: डिजिटल नक्शे और मकानों की पहचान
जनगणना में डिजिटल नक्शों और उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई गांव, मोहल्ला या घर गणना से छूटे नहीं और किसी क्षेत्र की दोबारा गणना न हो।
चौथी: स्व-गणना पोर्टल
इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपने परिवार की जानकारी खुद ऑनलाइन भर सकेंगे। फॉर्म जमा होने पर SE ID मिलेगी, जिसके आधार पर बाद में गणनाकर्मी जानकारी का सत्यापन करेंगे।
9. जनगणना में दी गई निजी जानकारी कितनी सुरक्षित रहेगी?
जनगणना के दौरान लोगों से परिवार और व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी कई जानकारियां जुटाई जाती हैं। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि इन आंकड़ों का इस्तेमाल कैसे होगा और इनकी गोपनीयता कैसे बनी रहेगी।
सरकार के अनुसार, डिजिटल माध्यम से जुटाए गए आंकड़ों की सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्शन और सुरक्षित सरकारी डेटा केंद्रों जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं।
इसके अलावा जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 15 के तहत जनगणना के दौरान दी गई व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता सुनिश्चित की गई है। इस प्रावधान के अनुसार, व्यक्तिगत जनगणना रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किए जा सकते और सामान्य तौर पर उन्हें अदालत में साक्ष्य के रूप में भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
इसलिए नागरिकों को आधिकारिक जनगणना प्रक्रिया में सही जानकारी देनी चाहिए।
जनगणना के आंकड़े कब जारी होंगे?
जनगणना का काम पूरा होने के बाद जुटाए गए आंकड़ों की जांच, मिलान और विश्लेषण किया जाएगा। डिजिटल तकनीक की मदद से इस प्रक्रिया को पहले के मुकाबले तेज बनाने की योजना है।
सरकार की योजना आंकड़ों को चार्ट, तालिकाओं और अन्य आसान माध्यमों से उपलब्ध कराने की भी है, ताकि आम नागरिक और नीति निर्माता देश की जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार, आवास और सामाजिक स्थिति को बेहतर ढंग से समझ सकें।
हालांकि, जनगणना 2027 के अंतिम आंकड़े जारी करने की निश्चित तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
जनगणना के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
- स्व-गणना केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही करें।
- परिवार और मकान से जुड़ी जानकारी सही-सही दर्ज करें।
- OTP किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
- फॉर्म सबमिट करने से पहले सभी जवाब ध्यान से जांच लें।
- SE ID मिलने के बाद उसे सुरक्षित रखें।
- गणनाकर्मी के घर आने पर आवश्यक जानकारी और SE ID उपलब्ध कराएं।
- किसी अनजान लिंक या व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी न दें।
जनगणना में आपकी भागीदारी क्यों जरूरी है?
जनगणना केवल लोगों की गिनती करने की प्रक्रिया नहीं है। इसके आंकड़ों के आधार पर सरकार को देश की जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार, आवास, सामाजिक स्थिति और विकास की जरूरतों को समझने में मदद मिलती है।
जनगणना 2027 में डिजिटल तकनीक और स्व-गणना की सुविधा से नागरिकों की भागीदारी को आसान बनाने की कोशिश की गई है। इसलिए चाहे आप ऑनलाइन फॉर्म भरें या गणनाकर्मी को जानकारी दें, सही और पूरी जानकारी देना महत्वपूर्ण है।
उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए याद रखने वाली तारीखें: स्व-गणना 16 से 30 नवंबर 2026 और घर-घर जाकर जनगणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक होगी।