मृदुभाषी, नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार, 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने देश के राजनीतिक और भौगोलिक एकीकरण में सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। इस दौरान शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार पटेल को लंबे समय तक वह सम्मान नहीं दिया गया, जिसके वे वास्तविक हकदार थे।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश की सैकड़ों रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत की नींव मजबूत करने में सरदार पटेल की निर्णायक भूमिका रही। इसी कारण उन्हें अखंड भारत का निर्माता माना जाता है।
कांग्रेस पर साधा निशाना, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का किया जिक्र
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, “कई वर्षों तक भारत ने सरदार साहब को उनके योगदान के लिए वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे वास्तव में हकदार थे। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा सरदार साहब की स्मृतियों को मिटाने की कोशिश की है। हालांकि, सूरज की चमक को छिपाया नहीं जा सकता।”
उन्होंने कहा कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने, तब उन्होंने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण कराकर सरदार पटेल की विरासत को देश और दुनिया के सामने मजबूती से स्थापित किया। यह विशाल प्रतिमा आज सरदार पटेल के योगदान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बन चुकी है।
1,218 दिनों में सरदार पटेल ने एकजुट किया भारत
अमित शाह ने कहा कि आजादी के समय दुनिया के कई राजनीतिक विशेषज्ञों ने भारत के बिखरने की आशंका जताई थी। उस समय देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती सैकड़ों रियासतों को एक राजनीतिक व्यवस्था के अंतर्गत लाने की थी। लेकिन सरदार पटेल ने आजादी के बाद के महज 1,218 दिनों में वह कर दिखाया, जिसे दुनिया असंभव मान रही थी।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का योगदान केवल रियासतों के विलय तक सीमित नहीं था। उन्होंने भारत की भौगोलिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों ने देश को एक संगठित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में निर्णायक योगदान दिया।
‘अखंड भारत के नक्शे के निर्माता हैं सरदार पटेल’
शाह ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने कई रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर भारत के इतिहास के साथ-साथ उसके भूगोल को भी आकार दिया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल आज हमारे सामने मौजूद अखंड भारत के नक्शे के निर्माता हैं।
गृह मंत्री के मुताबिक, सरदार पटेल ने देश के भौगोलिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक एकीकरण के प्रयासों को सफल बनाकर भारत को एक मजबूत और एकजुट राष्ट्र का स्वरूप प्रदान किया।
धारा 370, नक्सलवाद और एक देश-एक कर प्रणाली का किया जिक्र
अपने संबोधन में अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि धारा 370 हटाना, जम्मू-कश्मीर को देश की मुख्यधारा से मजबूती से जोड़ना, नक्सलवाद को समाप्त करने के प्रयास और एक देश, एक कर प्रणाली लागू करना सरकार के महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत का जो सपना देखा है, उसकी दिशा में नशामुक्त भारत का निर्माण पहला चरण है। शाह ने देश की विविधता को कमजोरी नहीं, बल्कि भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया।
‘रन फॉर यूनिटी’ को दिखाई हरी झंडी, दिलाई राष्ट्रीय एकता की शपथ
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर अमित शाह ने मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम से ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस अवसर पर राष्ट्रीय एकता का संदेश देंगे। देशभर में विभिन्न स्थानों पर एकता दौड़ और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में गृह मंत्री ने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने तथा नागरिकों के बीच भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया गया और देश की एकता एवं अखंडता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई।
