प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘Make in India’ पहल की प्रगति को रेखांकित करते हुए देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्यमिता और इनोवेशन को आर्थिक विकास की प्रमुख ताकत बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में विनिर्माण और निवेश के क्षेत्र में भारत ने अपनी क्षमता का विस्तार किया है।
Make in India अभियान का उद्देश्य भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करना, घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना रहा है। सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन, फार्मास्यूटिकल्स और दूसरे रणनीतिक क्षेत्रों में घरेलू निर्माण को बढ़ाने पर जोर दे रही है।
प्रधानमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में आए बदलावों का भी उल्लेख किया। सरकार का दावा है कि बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर तैयार हुए हैं।
अब सरकार के सामने अगली बड़ी चुनौती घरेलू विनिर्माण को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने और निर्यात में उसकी हिस्सेदारी बढ़ाने की होगी। वैश्विक सप्लाई चेन में हो रहे बदलावों के बीच भारत के लिए यह एक बड़ा आर्थिक अवसर भी माना जा रहा है।







