Subheadline: INDIA bloc ने CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे और SIR पर पुनर्विचार की मांग को लेकर दिल्ली में मार्च किया; Election Commission ने आरोपों को खारिज किया, Supreme Court की Form 6 टिप्पणी से बहस और तेज हुई।
नई दिल्ली। Election Commission और voter-list revision को लेकर देश की राजनीति मंगलवार को फिर गरमा गई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra, Akhilesh Yadav समेत कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने Election Commission की ओर मार्च के दौरान हिरासत में लिया। विपक्ष Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के इस्तीफे और Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर सवाल उठा रहा है। Reuters
मार्च के दौरान Parliament क्षेत्र से Election Commission headquarters की ओर बढ़ रहे सांसदों को पुलिस barricades पर रोका गया। Indian Express के मुताबिक Rahul Gandhi barricade पर चढ़े, जबकि कई अन्य नेताओं को बाद में हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन के कारण central Delhi में security बढ़ाई गई थी। The Indian Express
Form 6 पर आखिर विवाद क्या है?
इस राजनीतिक टकराव के केंद्र में voter registration से जुड़ा Form 6 और SIR process है। Opposition का आरोप है कि Form 6 से जुड़ी declaration requirements में ऐसे बदलाव किए गए जिनकी legality और approval process पर सवाल हैं।
इस विवाद को तब नया मोड़ मिला जब Chief Justice of India Surya Kant ने Supreme Court में कहा कि अदालत ने किसी modified Form 6 को approve नहीं किया है। Court ने Election Commission से records मांगे हैं ताकि यह देखा जा सके कि बदलाव किस प्रक्रिया के तहत किए गए। The Indian Express
हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि Supreme Court ने Form 6 को illegal घोषित कर दिया है। यही distinction इस पूरे राजनीतिक विवाद में बेहद महत्वपूर्ण है।
Election Commission ने क्या कहा?
Election Commission ने Rahul Gandhi के आरोपों को “misleading” बताया है। आयोग का कहना है कि मूल Form 6 में बदलाव नहीं किया गया; SIR प्रक्रिया के तहत एक supplementary declaration जोड़ी गई थी। ECI का यह भी कहना है कि Bihar SIR का आदेश Commission की unanimous approval से जारी हुआ था। The Indian Express

आयोग ने विपक्ष के इस दावे को भी खारिज किया कि उसने चुनावी प्रक्रिया में किसी राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के लिए कदम उठाए।
इसलिए फिलहाल दो अलग-अलग दावे सामने हैं—Opposition decision-making और voter rights पर सवाल उठा रहा है, जबकि Election Commission प्रक्रिया को वैधानिक और voter-roll accuracy से जुड़ा कदम बता रहा है।
BJP ने Rahul Gandhi के आरोपों पर किया पलटवार
BJP ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। पार्टी प्रवक्ता Sambit Patra ने कहा कि Supreme Court ने Form 6 को illegal नहीं कहा और Rahul Gandhi अदालत की टिप्पणी को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। BJP ने protest को संस्थाओं की credibility कमजोर करने की कोशिश बताया। The Indian Express
इस तरह मामला अब सिर्फ Election Commission और Opposition के बीच नहीं रहा, बल्कि BJP और INDIA bloc के बीच बड़े national political confrontation में बदल गया है।
आपके लिए क्यों जरूरी है यह खबर?
यह विवाद सीधे voter registration और electoral roll से जुड़ा है। अगर SIR के दौरान किसी eligible voter का नाम छूटता है या documents को लेकर confusion रहता है, तो उसका असर voting rights पर पड़ सकता है।
इसी वजह से voter-list revision केवल राजनीतिक बहस नहीं है। First-time voters, address बदलने वाले नागरिक और draft electoral roll में अपना नाम check करने वाले लोगों के लिए यह practical importance रखता है।
इस पूरे विवाद में नागरिकों के लिए सबसे जरूरी कदम है कि वे अपने नाम और voter details को Election Commission के official channels पर verify करते रहें, खासकर उन राज्यों में जहां revision exercise चल रही है।
Supreme Court में अब क्या होगा?
Supreme Court ने Election Commission से Form 6 से जुड़े records मांगे हैं। Court की आगे की examination से यह स्पष्ट हो सकता है कि supplementary declaration किस authority और process के तहत लागू हुई। The Indian Express
इस बीच राजनीतिक स्तर पर Opposition ने CEC के resignation की मांग तेज कर दी है, जबकि Election Commission और BJP आरोपों को खारिज कर रहे हैं।
Reuters के मुताबिक Delhi में यह protest पिछले कुछ दिनों से चल रहे wider demonstrations का हिस्सा है, जिनमें electoral-roll revision और Election Commission की neutrality पर सवाल उठाए गए हैं। Reuters
आगे क्या हो सकता है?
अब नजर तीन चीजों पर रहेगी—Supreme Court में Election Commission के records, Opposition के अगले protest programme और SIR implementation पर।
अगर Court की आगे की hearing में Form 6 process पर कोई महत्वपूर्ण direction आता है, तो उसका असर Election Commission की working के साथ-साथ national politics पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल यह याद रखना जरूरी है कि Opposition के आरोप अभी आरोप हैं, जबकि Election Commission और BJP उन्हें नकार रहे हैं। Final legal position Supreme Court की आगे की proceedings और official records से स्पष्ट होगी।







