उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसकी पूरे प्रदेश में चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री ने अपने पैतृक मकान के प्रभावित हिस्से पर स्वयं गैंती चलाकर चौड़ीकरण कार्य की शुरुआत की और यह संदेश दिया कि विकास कार्यों में कानून सभी के लिए समान है।
अब्दालपुरा क्षेत्र में खजूर वाली मस्जिद से जीवाजीगंज थाने तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना की जद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान (मकान नंबर 180) और उनकी बहन तथा नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव का आवास भी आ रहा है।

रविवार सुबह मुख्यमंत्री अपने पैतृक घर पहुंचे। विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद उन्होंने स्वयं गैंती उठाकर प्रभावित हिस्से को हटाने की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन और उज्जैन के समग्र विकास के लिए सभी नागरिकों का सहयोग आवश्यक है तथा जनहित के कार्यों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
सभी वर्गों ने किया स्वागत
मुख्यमंत्री के इस कदम का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। दूध व्यवसायी नरेंद्र जैन और पूर्व पार्षद जगदीश पांचाल ने कहा कि जब मुख्यमंत्री स्वयं अपने घर का हिस्सा हटाने के लिए आगे आए हैं, तो इससे लोगों में विश्वास बढ़ा है कि प्रशासन बिना किसी पक्षपात के सभी के साथ समान व्यवहार कर रहा है।

अब्दालपुरा क्षेत्र में करीब 272 मकान सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें हिंदू, मुस्लिम और बोहरा समुदाय के परिवार रहते हैं। स्थानीय निवासी कादर भाई और पवन पांचाल का कहना है कि सड़क चौड़ी होने से यातायात बेहतर होगा, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और संपत्तियों का मूल्य भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अधिकांश लोग विकास कार्यों में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं।
सिंहस्थ की तैयारियों को मिलेगी गति

प्रशासन का मानना है कि सड़क चौड़ीकरण से सिंहस्थ-2028 के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम होगी और शहर के यातायात दबाव को भी कम करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री के इस कदम को विकास कार्यों में जनसहभागिता और समानता का प्रतीक माना जा रहा है।






