मृदुभाषी डेस्क, मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान के भांजे और अभिनेता इमरान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ दायर उनकी याचिका पर सोमवार, 2 नवंबर को सुनवाई हुई। अदालत ने उनके खिलाफ जारी ‘लीव इंडिया नोटिस’ पर लगी रोक को अगली सुनवाई तक बरकरार रखने का फैसला किया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी। तब तक विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) इस नोटिस के आधार पर इमरान खान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगा।

27 अक्टूबर को मिली थी अंतरिम राहत
इस मामले में 27 अक्टूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट में पिछली सुनवाई हुई थी। उस दौरान अदालत ने इमरान खान के खिलाफ जारी भारत छोड़ने के नोटिस पर 2 नवंबर तक रोक लगा दी थी। इसके बाद सोमवार को मामले की दोबारा सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान इमरान खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड पेश हुए, जबकि महाराष्ट्र सरकार का पक्ष सरकारी वकील अंजलि हेलेकर ने रखा। मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता वाली पीठ ने इमरान के खिलाफ दर्ज एफआईआर की मौजूदा स्थिति की जानकारी मांगी।
इमरान खान ने अदालत में मांगी बिना शर्त माफी
सुनवाई के दौरान इमरान खान ने बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष बिना शर्त माफी मांगी। उन्होंने अदालत को आश्वासन दिया कि भविष्य में वह किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। इस संबंध में उन्होंने अदालत में हलफनामा भी दाखिल किया है।
इमरान की ओर से दिए गए इस आश्वासन और मामले की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अदालत ने अगली सुनवाई तक उन्हें मिली अंतरिम राहत जारी रखने का फैसला किया।
क्या है इमरान खान से जुड़ा पूरा विवाद?
दरअसल, इमरान खान मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने इमरान खान को हिरासत में लिया था।
इसके बाद मामला तब और गंभीर हो गया, जब सामने आया कि इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं हैं और उनके पास अमेरिकी पासपोर्ट है। इसके बाद उनके खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट की धारा 29 और 7 के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
इसी क्रम में मुंबई पुलिस ने उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया था। इस नोटिस को चुनौती देते हुए इमरान खान ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
फिलहाल, बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश से इमरान खान को 7 दिसंबर तक राहत मिल गई है। अब मामले में आगे की कार्रवाई और अदालत का रुख अगली सुनवाई में स्पष्ट होगा।