धक्कामुक्की के साथ चले जूते, धरने पर बैठे अजय राय!
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में रविवार को उस समय जबर्दस्त हंगामा और बवाल हो गया, जब नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और वरिष्ठ नेता इमरान मसूद पदभार ग्रहण करने पहुंचे थे। खुशियों और ढोल-नगाड़ों के माहौल के बीच अचानक बात इतनी बिगड़ गई कि देखते ही देखते कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई और जमकर जूते-चप्पल चल गए।
कैसे बिगड़े हालात?
मिली जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान अजय राय के साथ एक महिला कांग्रेस नेता द्वारा कथित तौर पर बदसलूकी कर दी गई। इस घटना से अजय राय के समर्थक बुरी तरह भड़क गए। विरोध जताते हुए अजय राय भारी नाराजगी में कांग्रेस कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए। स्थिति को हाथ से निकलता देख वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी मौके पर पहुंचे और अजय राय को मनाने की कोशिशों में जुट गए। विवाद का असर यह हुआ कि पदभार ग्रहण के बाद आयोजित की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजय राय शामिल ही नहीं हुए और बाहर ही डटे रहे।
“यह जश्न का नहीं, संविधान बचाने के संघर्ष का वक्त है” — आराधना मिश्रा ‘मोना’
हाईवोल्टेज ड्रामे के बीच नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए माहौल को संभालने की कोशिश की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए कहा, “वर्तमान समय में देश का लोकतंत्र और संविधान गंभीर खतरे में है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान की रक्षा करना देश के हर नागरिक और कांग्रेस कार्यकर्ता का नैतिक कर्तव्य है।” उन्होंने आगे कहा कि यह समय स्वागत या जश्न मनाने का नहीं, बल्कि सड़कों पर उतरकर संघर्ष करने का है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक कांग्रेस का इतिहास बलिदानों से भरा रहा है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के सभी साथी लोकतंत्र को बचाने की जंग लड़ रहे हैं। मोना ने संकल्प जताया कि जब तक लोकतंत्र और संविधान पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते, कांग्रेस का यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।