नई दिल्ली। मतदाता सूची संशोधन और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी विवाद के बीच दिल्ली और मुंबई में शुक्रवार को विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया गया है। छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कॉकरेच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है। दिल्ली में जंतर-मंतर और मुंबई में शिवाजी पार्क को प्रदर्शन स्थल के रूप में घोषित किया गया था।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया से चुनावी निष्पक्षता प्रभावित हुई है। चुनाव आयोग और सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सत्यापन का उद्देश्य सूची से दोहरे, मृत और अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाकर उसकी शुद्धता सुनिश्चित करना है।
प्रदर्शनों की अनुमति को लेकर भी स्थिति विवादित रही है। एक अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के प्रस्तावित कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी थी। मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क के शांत क्षेत्र होने और न्यायालय के आदेश का उल्लेख करते हुए आयोजकों को वैकल्पिक स्थान तलाशने की सलाह दी थी।
विपक्षी दलों ने भी चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अलग अभियान घोषित किया है। इस विवाद के केंद्र में मतदाता सूची की पारदर्शिता, पात्र मतदाताओं के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया पर भरोसे का सवाल है







