सत्य सनातन यात्रा के 14वें दिन गुना के ग्राम गुंजारी पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री; राहुल गांधी को बताया इंडिया गठबंधन का निर्विवाद नेता, भाजपा सरकार, राम मंदिर ट्रस्ट और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भी साधा निशाना
मृदुभाषी, गुना। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन यात्रा’ अपने 14वें दिन गुना जिले के ग्राम गुंजारी पहुंची। गांव में यात्रा का स्थानीय लोगों और समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए दिग्विजय सिंह ने प्रदेश की भाजपा सरकार और केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखे राजनीतिक हमले किए। खातेगांव में अवैध शराब के कारोबार पर कार्रवाई करने गए थाना प्रभारी (टीआई) की हत्या, प्रदेश में कथित अवैध शराब कारोबार, राम मंदिर ट्रस्ट, संवैधानिक संस्थाओं और यूजीसी की गाइडलाइन जैसे मुद्दे उनकी बातचीत के केंद्र में रहे।
खातेगांव में टीआई की हत्या की घटना पर दुख जताते हुए दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया कि अवैध शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारी की हत्या के बाद आरोपियों पर बुलडोजर क्यों नहीं चलाया जा रहा है? उन्होंने मुख्यमंत्री के परिवार पर भी शराब कारोबार में शामिल होने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों को लेकर उन्होंने पत्रकारों के सामने अपना राजनीतिक पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सीएम का परिवार शराब कारोबार में शामिल है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि अवैध शराब का कारोबार करते हैं।
वहीं, विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने राहुल गांधी को इंडिया गठबंधन का निर्विवाद नेता बताया। उनका कहना था कि गठबंधन के सभी दलों का एजेंडा एक है और राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर जिन मुद्दों को उठा रहे हैं, उन्हीं मुद्दों को वे स्थानीय स्तर पर जनता के बीच ले जा रहे हैं।
खातेगांव टीआई हत्याकांड: अवैध शराब माफिया के आरोपियों पर बुलडोजर क्यों नहीं चल रहा?
दिग्विजय सिंह ने देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब के कारोबार को रोकने की कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी की हत्या की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई करने गए पुलिस अधिकारी पर वाहन चढ़ाकर उसकी जान ले ली गई। यह घटना प्रदेश में कानून-व्यवस्था और अपराधियों के हौसले को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जब कोई कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मैदान में उतरता है और उसे अपनी जान गंवानी पड़ती है, तो ऐसे अपराधियों के खिलाफ सरकार का सख्त रुख कहां दिखाई देता है?
दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार बुलडोजर कार्रवाई को लेकर अपनी सख्त छवि पेश करती है, लेकिन अवैध शराब के कारोबार से जुड़े अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अवैध शराब का कारोबार करने वाले ऐसे अपराधियों और भू-माफिया के खिलाफ बुलडोजर नहीं चलना चाहिए?

मुख्यमंत्री के परिवार पर शराब कारोबार में शामिल होने का आरोप
पत्रकारों से चर्चा के दौरान दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री के परिवार पर भी शराब कारोबार में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध और जहरीली शराब के कारण लोगों की जान जा रही है। उन्होंने सागर जिले के बंडा और देवास जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए शराब के अवैध कारोबार पर सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब कारोबार से जुड़े प्रभावशाली लोगों के खिलाफ अपेक्षित सख्ती नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने सरकार से पूछा कि जब अवैध शराब के कारोबार पर कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं हो पा रही, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?
दिग्विजय सिंह के इन आरोपों पर राज्य सरकार और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
राहुल गांधी इंडिया गठबंधन के निर्विवाद नेता, हमारा एजेंडा एक
इंडिया गठबंधन के नेतृत्व को लेकर पूछे गए सवाल पर दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट कहा कि राहुल गांधी गठबंधन के निर्विवाद नेता हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन में शामिल सभी दलों के बीच मुद्दों को लेकर एकरूपता है और सभी मिलकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने अपने और राहुल गांधी के राजनीतिक एजेंडे में किसी तरह के अंतर से इनकार करते हुए कहा कि दोनों के मुद्दे पूरी तरह एक समान हैं। अंतर केवल काम करने के स्तर का है। राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर इन मुद्दों को उठाते हैं, जबकि वे स्वयं इन्हीं मुद्दों को स्थानीय और जमीनी स्तर पर जनता के बीच ले जाने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका एजेंडा और कांग्रेस वर्किंग कमेटी का एजेंडा अलग-अलग नहीं है। पार्टी जिन मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रही है, वे उन्हीं मुद्दों को अपनी यात्रा के माध्यम से लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भाजपा पर हमला
दिग्विजय सिंह ने 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित रैली का उल्लेख करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं पर भाजपा ने कब्जा कर लिया है और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। दिग्विजय सिंह का कहना था कि मंदिर ट्रस्ट में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी गई है, जिनके कार्यकाल और भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने ट्रस्ट से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के कथित घपले और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों पर जमीन पर उतरकर लड़ाई लड़ रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा इस लड़ाई से विचलित है। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि मंदिर और मठों में किसी भी तरह की कथित वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर और धार्मिक संस्थाओं की संपत्ति तथा व्यवस्थाओं में पारदर्शिता जरूरी है।
यूजीसी गाइडलाइन विवाद पर बोले- सर्वसम्मति से तैयार हुआ था ड्राफ्ट
यूजीसी की गाइडलाइन को लेकर चल रहे विवाद पर दिग्विजय सिंह ने अपने पूर्व संसदीय अनुभव का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि वे इस विषय से संबंधित समिति के चेयरमैन रह चुके हैं और उनके कार्यकाल में तैयार किए गए ड्राफ्ट पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था।
उन्होंने बताया कि उस समय समिति में कुल 31 सदस्य थे, जिनमें 17 सांसद भारतीय जनता पार्टी के थे। इनमें रविशंकर प्रसाद, संबित पात्रा, घनश्याम तिवारी, बृजमोहन अग्रवाल और बांसुरी स्वराज जैसे वरिष्ठ भाजपा नेताओं के नाम भी शामिल थे। उनके अनुसार, समिति के सभी सदस्यों ने ड्राफ्ट पर सहमति जताई थी।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि वर्तमान यूजीसी गाइडलाइन में किसी प्रकार का असंतुलन दिखाई देता है, तो सरकार को उसमें आवश्यक सुधार कर संतुलन स्थापित करना चाहिए। उन्होंने इस मामले में राजनीतिक विवाद के बजाय सर्वसम्मति और व्यावहारिक समाधान पर जोर दिया।
उज्जैन से अयोध्या तक सीधे मार्ग पर चल रही सत्य सनातन यात्रा
अपनी ‘सत्य सनातन यात्रा’ के उद्देश्य और मार्ग के बारे में जानकारी देते हुए दिग्विजय सिंह ने बताया कि यात्रा की योजना बनाते समय उन्होंने उज्जैन से अयोध्या तक का सीधा नक्शा तैयार किया था। इसी आधार पर यात्रा के लिए एक निर्धारित सीधा मार्ग चुना गया।
उन्होंने कहा कि यात्रा उसी तय मार्ग पर लगातार आगे बढ़ रही है। यात्रा के 14वें दिन इसका गुना जिले के ग्राम गुंजारी पहुंचना इसी क्रम का हिस्सा है। गांव में यात्रा के पहुंचने पर स्थानीय स्तर पर स्वागत किया गया और लोगों ने इसमें भागीदारी की।
दिग्विजय सिंह की इस यात्रा के दौरान धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर लगातार चर्चा हो रही है। गुंजारी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भी उन्होंने सनातन परंपरा, धार्मिक संस्थाओं की पारदर्शिता, संवैधानिक व्यवस्था और प्रदेश की कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी।
गुंजारी में यात्रा के दौरान भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना
गुना जिले में सत्य सनातन यात्रा के प्रवेश के साथ ही दिग्विजय सिंह ने प्रदेश की राजनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। खातेगांव टीआई हत्याकांड को लेकर उन्होंने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, वहीं अवैध शराब के कारोबार और कथित माफिया गतिविधियों पर सरकार की कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा।
राष्ट्रीय राजनीति के संदर्भ में उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व पर भरोसा जताया और इंडिया गठबंधन की एकजुटता की बात कही। इसके साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट, चुनाव आयोग और यूजीसी गाइडलाइन जैसे विषयों पर केंद्र सरकार को घेरा।
दिग्विजय सिंह के बयानों से स्पष्ट है कि उनकी यात्रा केवल धार्मिक और सामाजिक संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से वे प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों को भी जनता के बीच उठा रहे हैं। अब देखना होगा कि उनके आरोपों और सवालों पर भाजपा तथा राज्य सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।