
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच को लेकर नए दावे सामने आए हैं। आपके उपलब्ध इनपुट के अनुसार, हरियाणा पुलिस ने सोनीपत से समीर नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। हालांकि, इस चौथी गिरफ्तारी की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। इससे पहले तीन आरोपियों—रेहान, फूल सिंह और ऋतिक कुमार उर्फ रोशन—की गिरफ्तारी की खबरें सामने आई थीं।
18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए संदिग्धों की तलाश शुरू की। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, हमले के दौरान अभिनेता की कार को निशाना बनाया गया था। मामले में अन्य लोगों की भूमिका और कथित साजिश के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
35 हजार रुपये में हमले की कथित डील
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शूटर्स को कथित तौर पर 35 हजार रुपये में हमले की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस रकम का भुगतान किसने किया और घटना के पीछे कौन लोग थे।
पुलिस की जांच में कथित डिजिटल संपर्क और वित्तीय लेन-देन की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, 35 हजार रुपये की डील और भुगतान से जुड़े दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक पुलिस बयान या जांच दस्तावेज जरूरी हैं।
डिजिटल माध्यम से संपर्क करने का दावा
मामले में यह दावा भी सामने आया है कि आरोपियों के बीच संपर्क के लिए एक मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल किया गया। कथित तौर पर इसी माध्यम से निर्देश साझा किए गए और घटना की योजना से संबंधित बातचीत हुई।
जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, संदेशों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना में शामिल लोगों के बीच किस तरह संपर्क स्थापित हुआ था। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
हथियारों की व्यवस्था को लेकर जांच
उपलब्ध इनपुट के अनुसार, हथियारों की व्यवस्था के लिए आरोपियों के बीच आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई थी। दावा किया गया है कि उन्हें एक संदेश के जरिए सामान रखे जाने की जगह की जानकारी दी गई थी।
पुलिस जांच में इस बात का पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि हथियार कहां से आए, उन्हें किसने उपलब्ध कराया और घटना में उनकी क्या भूमिका रही। इन पहलुओं पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
ऑनलाइन भुगतान और नकदी की कड़ी की पड़ताल
मामले में ऑनलाइन भुगतान और स्थानीय स्तर पर नकदी प्राप्त करने से जुड़े दावे भी सामने आए हैं। जांचकर्ताओं के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि कथित भुगतान किस खाते या माध्यम से किया गया और क्या इससे किसी बड़े नेटवर्क का संबंध सामने आता है।
पुलिस की जांच का एक प्रमुख पहलू घटना के पीछे संभावित वित्तीय मदद और अन्य सहयोगियों की भूमिका का पता लगाना है। हालांकि, इन दावों के समर्थन में स्वतंत्र रूप से सत्यापित विवरण उपलब्ध नहीं हैं।
मुंबई में पहले से मौजूद थे आरोपी?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संदिग्ध हमले से पहले मुंबई में मौजूद थे और उन्हें शहर के रास्तों की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति से मदद मिलने का दावा किया गया है। यह भी कहा गया है कि कुछ आरोपियों को बेहतर नौकरी और विदेश भेजने का प्रलोभन दिया गया था।
इन दावों की जांच के दौरान पुलिस यह पता लगा सकती है कि आरोपियों की मुंबई में मौजूदगी का उद्देश्य क्या था और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने उन्हें सहायता उपलब्ध कराई थी। फिलहाल इन विवरणों की पुष्टि आधिकारिक जांच के निष्कर्षों से होना बाकी है।
18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी फायरिंग
18 अक्टूबर 2026 की शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की घटना सामने आई थी। शुरुआती मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे, तभी उनकी कार को निशाना बनाया गया।
इस घटना में टाइगर श्रॉफ को सीधे गोली लगने की गंभीर चोट नहीं आई, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर सामने आई थी। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की।
पुलिस जांच में आगे क्या?

मामले में जांच का मुख्य उद्देश्य कथित साजिश, हमले के पीछे के कारण, वित्तीय लेन-देन और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाना है। यदि चौथे आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो उससे जांच से जुड़े नए पहलुओं की जानकारी मिल सकती है।
फिलहाल, चौथी गिरफ्तारी और 35 हजार रुपये की कथित डील जैसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। पुलिस के आधिकारिक बयान और जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।