---Advertisement---

भागीरथपुरा कांड: दूषित पानी से मौतों का हिसाब बाकी, अफसर को कलेक्टर बनाने पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

---Advertisement---

HIGHLIGHTS

भागीरथपुरा कांड में दूषित पानी से मौतों के बाद कार्रवाई का इंतजार। रोहित सिसोनिया को रायसेन कलेक्टर बनाने पर चिंटू चौकसे ने सरकार को घेरा।

भागीरथपुरा कांड की जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई का इंतजार कर रहे परिवार

इंदौर। भागीरथपुरा कांड में दूषित पेयजल से हुई मौतों के बाद दोषियों पर कार्रवाई का इंतजार कर रहे परिवारों के बीच एक बार फिर प्रशासनिक फैसले को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त रहे रोहित सिसोनिया को रायसेन का कलेक्टर नियुक्त किया है। इस फैसले पर इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आपत्ति जताते हुए सरकार को घेरा है। उनका आरोप है कि भागीरथपुरा कांड से जुड़े सवालों और जांच आयोग की रिपोर्ट के बीच संबंधित अधिकारी को कलेक्टर की जिम्मेदारी देना पीड़ित परिवारों की भावनाओं की अनदेखी है।

भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। अब भागीरथपुरा कांड की जांच रिपोर्ट, अधिकारियों की जवाबदेही और सरकार की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि भागीरथपुरा के लोगों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जवाबदेही तय होने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का इंतजार है।

भागीरथपुरा कांड के बाद कार्रवाई का इंतजार, फिर कलेक्टर की कुर्सी कैसे?

चिंटू चौकसे ने सवाल उठाया कि भागीरथपुरा कांड के बाद तत्कालीन अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को निलंबित करने की बात कही गई थी, लेकिन उनके अनुसार निलंबन का आदेश जारी नहीं हुआ। अधिकारी को इंदौर से हटाया गया और अब उन्हें रायसेन कलेक्टर बना दिया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि भागीरथपुरा कांड में जिन अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठे, उनकी जवाबदेही तय किए बिना नई जिम्मेदारियां देना उचित नहीं है। भागीरथपुरा के प्रभावित परिवारों को उम्मीद थी कि जांच आयोग की रिपोर्ट सामने आने के बाद सरकार ठोस कार्रवाई करेगी, लेकिन इस नियुक्ति ने उनके मन में नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

चौकसे ने आरोप लगाया कि भागीरथपुरा कांड के मामले में सरकार का रवैया पीड़ितों के प्रति संवेदनशील नहीं दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि भागीरथपुरा के लोग अपनों को खोने के बाद न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।

भागीरथपुरा में पाइप बदलने की फाइलों में देरी का मुद्दा फिर उठा

भागीरथपुरा कांड को लेकर कांग्रेस ने पाइपलाइन बदलने से संबंधित फाइलों में देरी का मुद्दा भी उठाया है। चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि भागीरथपुरा में पाइप बदलने की प्रक्रिया से जुड़ी फाइलों में देरी के लिए रोहित सिसोनिया जिम्मेदार थे।

कांग्रेस का कहना है कि भागीरथपुरा में पेयजल व्यवस्था से जुड़े काम समय पर होते और जिम्मेदार अधिकारी समय रहते आवश्यक कदम उठाते, तो स्थिति को लेकर उठे सवालों की नौबत शायद नहीं आती। हालांकि, इन आरोपों और संबंधित अधिकारी की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के आधिकारिक रिकॉर्ड तथा सक्षम प्राधिकारी की कार्रवाई के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

भागीरथपुरा कांड ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की निगरानी, पाइपलाइन के रखरखाव और अधिकारियों की जवाबदेही का तंत्र कितना प्रभावी है। भागीरथपुरा के नागरिकों के लिए यह मामला अब केवल पानी की आपूर्ति का नहीं, बल्कि सुरक्षित पेयजल और प्रशासनिक जवाबदेही का भी बन चुका है।

हाईकोर्ट के जांच आयोग की रिपोर्ट के बाद क्या होगा?

भागीरथपुरा कांड की जांच के लिए हाईकोर्ट द्वारा गठित आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद प्रभावित परिवारों को कार्रवाई की उम्मीद थी। कांग्रेस का दावा है कि भागीरथपुरा के पीड़ित परिवार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

चौकसे ने मांग उठाई कि भागीरथपुरा कांड में सामने आए तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को भागीरथपुरा के पीड़ितों की अपेक्षाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए थी।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि भागीरथपुरा कांड में यदि किसी अधिकारी की भूमिका को लेकर जांच रिपोर्ट में प्रतिकूल टिप्पणियां की गई हैं, तो सरकार को उन निष्कर्षों पर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। उनके मुताबिक, भागीरथपुरा के लोगों का भरोसा तभी बहाल होगा, जब जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया पारदर्शी होगी।

हालांकि, किसी अधिकारी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने या अन्य दंडात्मक कार्रवाई का निर्णय जांच में सामने आए तथ्यों, लागू नियमों और सक्षम प्राधिकारी की प्रक्रिया के अनुसार किया जाना चाहिए।

भागीरथपुरा के लोगों को न्याय या सिर्फ आश्वासन?

भागीरथपुरा कांड के बाद प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी को लेकर उठ रहे सवाल अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि भागीरथपुरा के पीड़ित परिवारों की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्रवाई नहीं हुई है।

चौकसे ने कहा कि भागीरथपुरा के लोगों ने दूषित पेयजल की त्रासदी में अपनों को खोया है। ऐसे में भागीरथपुरा के मामले में सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए जांच के निष्कर्षों पर ठोस कदम उठाने चाहिए।

भागीरथपुरा के नागरिकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। भागीरथपुरा कांड की जांच और उससे जुड़े प्रशासनिक फैसलों पर उठ रही बहस के बीच सरकार की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।

परीक्षित झाड़े की नियुक्ति पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल

रोहित सिसोनिया की नियुक्ति के साथ कांग्रेस ने इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के सीईओ रहे परीक्षित झाड़े को कलेक्टर बनाए जाने पर भी सवाल उठाए हैं।

चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए आईडीए मैदान का किराया 14 लाख रुपये लिया गया था। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम के आयोजन के दौरान परीक्षित झाड़े की ओर से परेशानियां खड़ी की गईं और अब उन्हें कलेक्टर बनाकर पुरस्कृत किया गया है।

कांग्रेस ने इस मामले को भी राजनीतिक पक्षपात से जोड़ते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों और राज्य सरकार का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।

भागीरथपुरा कांड पर सरकार की अगली कार्रवाई का इंतजार

भागीरथपुरा कांड ने इंदौर की पेयजल व्यवस्था, नगर निगम की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। अब रोहित सिसोनिया की नई नियुक्ति के बाद यह मामला फिर चर्चा में है।

कांग्रेस सरकार से पूछ रही है कि भागीरथपुरा कांड की जांच रिपोर्ट के आधार पर क्या कार्रवाई की गई और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

भागीरथपुरा के लोगों के लिए यह केवल अधिकारियों की नियुक्ति का सवाल नहीं है। यह भरोसे का सवाल है, सुरक्षित पेयजल के अधिकार का सवाल है और उस जवाबदेही का सवाल है, जिसकी अपेक्षा किसी भी बड़ी त्रासदी के बाद नागरिक अपनी सरकार से करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a comment