14 अक्टूबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव खातों में ट्रांसफर करेंगे 1500-1500 रुपये; उमरिया से देंगे 144 करोड़ की सौगात
भोपाल / उमरिया: मध्य प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक महिलाओं के लिए इस बार की नवरात्रि बेहद खास और खुशियों से भरी होने जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा नारी सशक्तिकरण की दिशा में चलाई जा रही सबसे लोकप्रिय ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ की अगली किस्त को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। 14 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक सिंगल क्लिक के जरिए प्रदेश की 1.25 करोड़ पात्र लाड़ली बहनों के बैंक खातों में 1500-1500 रुपये की राशि ट्रांसफर करेंगे।
यह राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम उमरिया जिले के ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक सुंदरता से समृद्ध गुरुवाही गांव में आयोजित होने जा रहा है। नवरात्रि के पावन पर्व पर मिलने वाली इस आर्थिक सहायता से प्रदेश भर की महिलाओं में भारी उत्साह और खुशी की लहर है।
41वीं किस्त से बहनों के खातों में पहुंचेगी खुशहाली
जून 2023 में शुरू हुई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने मध्य प्रदेश की महिलाओं के जीवन में एक क्रांतिकारी बदलाव लाया है। योजना की शुरुआत से लेकर सितंबर 2026 तक राज्य सरकार सफलतापूर्वक 40 किस्तें महिलाओं के खातों में भेज चुकी है। अब 14 अक्टूबर को जारी होने वाली यह 41वीं किस्त होगी। योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, उनके तथा उनके बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत सुधार करना और परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में उनकी भागीदारी व भूमिका को मजबूत करना है।
योजना की वित्तीय व्यवस्था और सहायता राशि का गणित
सामान्य पात्र महिलाएं: योजना के तहत सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये की सीधी आर्थिक सहायता दी जा रही है।
सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारक महिलाएं: जिन पात्र महिलाओं को पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रही है, उन्हें योजना के नियमानुसार प्रतिमाह 900 रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
डीबीटी और आधार लिंक व्यवस्था: यह पूरी राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे महिलाओं के आधार-लिंक (Aadhaar-linked) और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) सक्रिय बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है, जिससे पूर्ण पारदर्शिता बनी रहती है।
रक्षाबंधन पर मिल चुकी है अतिरिक्त सौगात
लाड़ली बहनों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नियमित किस्तों के अलावा त्योहारों के अवसर पर भी उन्हें विशेष उपहार दिए जाते रहे हैं। अगस्त 2023, अगस्त 2024, अगस्त 2025 और हाल ही में अगस्त 2026 में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर महिलाओं को 250-250 रुपये की चार बार अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। राज्य सरकार ने महिलाओं के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882.81 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट प्रावधान किया है, जिससे योजना का सुचारू और निर्बाध संचालन सुनिश्चित हो सके।
उमरिया को मिलेगी 144.16 करोड़ की 136 विकास सौगातें
उमरिया जिले के गुरुवाही गांव में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम केवल लाड़ली बहना योजना की किस्त जारी करने तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का एक नया अध्याय भी लिखेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के दौरान उमरिया जिले को 144.16 करोड़ रुपये की लागत वाले कुल 136 विकास कार्यों की बड़ी सौगात देंगे।
विकास कार्यों का ब्योरा
68 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण: क्षेत्र में बनकर तैयार हो चुके 68 विभिन्न बुनियादी ढांचे, सड़क, जल आपूर्ति और जनसुविधा से जुड़े कार्यों का लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया जाएगा।
68 नए कार्यों का भूमि-पूजन: जिले में आगामी विकास यात्रा को गति देने के लिए 68 नए निर्माण कार्यों की आधारशिला (भूमि-पूजन) रखी जाएगी।
विधानसभा क्षेत्रों को लाभ: इन 136 विकास कार्यों का सीधा लाभ उमरिया जिले के बांधवगढ़ और मानपुर विधानसभा क्षेत्रों के नागरिकों को मिलेगा, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अवस्थापना ढांचा मजबूत होगा।
गुरुवाही में भव्य तैयारियों का दौर जारी
उमरिया के गुरुवाही में होने वाले इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरणों में हैं। भव्य मंच, विशाल जनसभा पंडाल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लाड़ली बहनें, स्थानीय जन प्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और आम नागरिक शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हाथों एक ओर जहां सवा करोड़ महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लौटेगी, वहीं दूसरी ओर विंध्य और महाकौशल अंचल के इस महत्वपूर्ण जिले को विकास की नई रफ्तार मिलेगी। नवरात्रि के पावन अवसर पर मिलने वाला यह डबल उपहार मध्य प्रदेश की विकास यात्रा में एक नया मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।