UFBU की nationwide strike में बड़ी संख्या में bank officers और employees शामिल; private banks ज्यादातर सामान्य रूप से खुले रहे।

नई दिल्ली। देशभर में शुक्रवार को public sector banks की सेवाएं nationwide strike के कारण प्रभावित रहीं। हड़ताल का नेतृत्व United Forum of Bank Unions (UFBU) ने किया, जो सात प्रमुख बैंक unions का संगठन है और बड़ी संख्या में bank officers और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है।
Bank employees की मुख्य मांगों में five-day banking week, wage-related issues और pension reforms शामिल हैं। कई शहरों में कर्मचारियों ने प्रदर्शन और march किए। भोपाल और चेन्नई समेत कई जगहों पर union members ने अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया।
Strike का असर खासकर state-run banks की branch operations, cheque clearing और कुछ customer-facing services पर पड़ा। हालांकि अधिकांश private sector banks सामान्य रूप से काम करते रहे और digital banking, UPI तथा ATM services बड़े पैमाने पर चालू रहीं।
यह हड़ताल ऐसे समय हुई है जब भारत 12–13 सितंबर को BRICS Summit की मेजबानी कर रहा है। Banking unions ने संकेत दिया है कि अगर उनकी मांगों पर ठोस प्रगति नहीं हुई तो आगे भी आंदोलन तेज किया जा सकता है।
Banking sector में five-day work week की मांग लंबे समय से जारी है। कर्मचारियों का तर्क है कि digital banking और extended working systems के दौर में work-life balance को लेकर अब policy-level बदलाव की जरूरत है।







