बालाघाट। आदिवासी बच्चों की मौत और ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बालाघाट फिर चर्चा में है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 1 अक्टूबर को जगला गाँव पहुँचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार पर आरोप लगाए तथा यह मुद्दा संसद में उठाने की बात कही।
राहुल गांधी ने परिवारों की समस्याएँ सुनने के बाद आरोप लगाया कि बीमारी और कुपोषण से जूझ रहे आदिवासी समुदायों तक आवश्यक सरकारी सहायता पर्याप्त रूप से नहीं पहुँची। भाजपा ने उनके आरोपों का विरोध किया। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दौरे को राजनीतिक उद्देश्य से जुड़ा बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री, वे स्वयं और जिले के प्रभारी मंत्री पहले क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं।
सरकार की ओर से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का दावा भी किया गया। शुक्ल के अनुसार, चार ब्लॉक महिला विकास अधिकारियों की तैनाती हुई है और 14 उपस्वास्थ्य तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
मौतों के आँकड़ों पर अलग-अलग दावे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अगस्त में चार दूरस्थ बैगा बहुल गाँवों में आठ बच्चों की मौत और लगभग 100 बच्चों के बीमार होने की जानकारी दी थी। स्थानीय कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने इससे अधिक मौतों का दावा किया है। ऐसे में संख्या और कारणों की स्पष्ट जाँच, नियमित स्वास्थ्य निगरानी तथा प्रभावित परिवारों तक उपचार पहुँचाना अहम है।









