राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, आजादी के बाद ड्यूटी के दौरान 36,852 पुलिसकर्मियों ने दिया सर्वोच्च बलिदान; नशे के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाने की अपील
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के सामने लंबे समय से बड़ी चुनौतियां रहे कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब शांति का माहौल है। उन्होंने इन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और उनके लगातार प्रयासों की सराहना की। शाह ने साथ ही देश को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस बलों से मिलकर काम करने की अपील की।
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने और सीमाओं की रक्षा में पुलिस तथा सुरक्षा बलों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा।
31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य
अमित शाह ने नशे के खिलाफ देशव्यापी अभियान को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसे हासिल करने के लिए सभी राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को समन्वय के साथ काम करना होगा।
गृह मंत्री ने कहा कि नशे का कारोबार देश की आने वाली पीढ़ियों को नुकसान पहुंचा रहा है। इसका असर केवल युवाओं और परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि नशे के अवैध कारोबार से देशविरोधी गतिविधियों में शामिल संगठनों को आर्थिक मदद मिल सकती है।
CRPF, CoBRA और छत्तीसगढ़ पुलिस की सराहना
नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों का उल्लेख करते हुए शाह ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), CoBRA बटालियनों और छत्तीसगढ़ पुलिस के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने साहस, धैर्य और निरंतर प्रयासों के जरिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट में सुरक्षा बलों की कार्रवाई तथा शांति स्थापित करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। गृह मंत्री के अनुसार, इन क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति में सुधार देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
आजादी के बाद 36,852 पुलिसकर्मी शहीद
कार्यक्रम में अमित शाह ने बताया कि आजादी के बाद से अब तक ड्यूटी के दौरान 36,852 पुलिसकर्मी शहीद हो चुके हैं। इनमें इस साल शहीद हुए 154 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नुकसान की भरपाई संभव नहीं है। देश उनके बलिदान के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा।
शाह ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और सम्मान मजबूत किया है। इसमें आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने, कानून-व्यवस्था कायम रखने और देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले पुलिसकर्मियों तथा सुरक्षा बलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
नशे के खिलाफ 90 पुलिस राइडर्स की बाइक रैली रवाना
कार्यक्रम से पहले गृह मंत्री ने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित देशव्यापी बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में करीब 90 पुलिस राइडर्स हिस्सा ले रहे हैं।
रैली में CRPF, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), सशस्त्र सीमा बल (SSB), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के जवान शामिल हैं। इनके अलावा रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के कर्मी भी रैली का हिस्सा हैं।
यह बाइक रैली कई राज्यों से गुजरते हुए गुजरात के एकता नगर पहुंचेगी। यहां 31 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित एकता परेड में राइडर्स भाग लेंगे। 31 अक्टूबर को देश में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
21 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस?
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन उन पुलिसकर्मियों की याद में समर्पित है, जिन्होंने देश की सुरक्षा और सेवा में अपने प्राण न्योछावर किए।
21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के घात लगाकर किए गए हमले का मुकाबला करते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 10 जवान शहीद हुए थे। उन्हीं के बलिदान की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
इस अवसर पर देशभर में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है।
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों के योगदान को याद करते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने और नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशामुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी होगा।