चंडीगढ़। पंजाब में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की ओर से 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के बाद दो मौजूदा विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इनमें पटियाला जिले की समाना सीट से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा शामिल हैं। दोनों विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि वे रविवार को चंडीगढ़ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की जनसभा के दौरान भाजपा का दामन थाम सकते हैं।

दोनों विधायकों ने पार्टी छोड़ने के कारणों का खुलासा करने के लिए रविवार को चंडीगढ़ में शाम 4:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। इस घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। खास बात यह है कि पार्टी की पहली उम्मीदवार सूची सामने आने के तुरंत बाद विधायकों का इस्तीफा देना AAP के भीतर असंतोष और राजनीतिक खींचतान की ओर इशारा कर रहा है।
जौड़ामाजरा को पहले ही समाना में किनारे कर चुकी थी AAP
चेतन सिंह जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। हालांकि, कुछ समय पहले पार्टी ने समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी जगह पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को हलका इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंप दी थी। इसे जौड़ामाजरा के राजनीतिक प्रभाव में कमी और पार्टी के भीतर उनकी स्थिति कमजोर होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा था।
जौड़ामाजरा का कार्यकाल कई विवादों से भी जुड़ा रहा है। जुलाई 2022 में फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने तत्कालीन कुलपति डॉ. राज बहादुर को गंदे गद्दे पर लेटने के लिए कहा था। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद देशभर में विवाद हुआ था। डॉ. राज बहादुर ने इस्तीफा दे दिया था और डॉक्टरों के संगठनों ने जौड़ामाजरा के व्यवहार का विरोध किया था। बाद में उनसे स्वास्थ्य विभाग वापस ले लिया गया।
अप्रैल 2025 में समाना के एक सरकारी स्कूल में शिक्षकों और प्रिंसिपल को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाने को लेकर भी वह विवादों में आए थे। शिक्षक संगठनों के विरोध के बाद उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी थी।
पठानमाजरा पर दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले

सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा भी पिछले कुछ समय से विवादों में रहे हैं। सितंबर 2025 में पटियाला के सिविल लाइंस थाने में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और धमकाने के आरोपों में मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि पठानमाजरा ने खुद को तलाकशुदा बताकर उनके साथ संबंध बनाए और शादी की, जबकि वह पहले से शादीशुदा थे।
मामला दर्ज होने के बाद पठानमाजरा लंबे समय तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहे। इस दौरान उनके ऑस्ट्रेलिया जाने की भी खबरें सामने आई थीं। मार्च 2026 में पंजाब पुलिस ने कई राज्यों में तलाश अभियान चलाने के बाद उन्हें मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास से गिरफ्तार किया था। बाद में मई 2026 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से उन्हें नियमित जमानत मिल गई थी।
उनके खिलाफ अवैध खनन से जुड़ा एक अन्य मामला भी दर्ज है। जेल से बाहर आने के बाद पठानमाजरा ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को राजनीतिक साजिश करार देते हुए पार्टी नेतृत्व पर भी सवाल उठाए थे।
AAP ने कहा- पार्टी ने दोनों विधायकों को पहले ही कर दिया था किनारे
दो विधायकों के इस्तीफे पर आम आदमी पार्टी ने पलटवार किया है। पार्टी प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि दोनों विधायकों को उनके कामकाज के कारण पार्टी पहले ही किनारे कर चुकी थी। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में उम्मीदवारों की कमी के चलते भाजपा दूसरी पार्टियों से निकाले गए नेताओं को अपने साथ जोड़ रही है।
पंजाब AAP अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा अब निष्कासित लोगों को इकट्ठा कर रही है, क्योंकि उसके पास न तो अपना जनाधार है और न ही पंजाब के हितों की कोई परवाह है।
भाजपा नेताओं ने ली चुटकी
विधायकों के इस्तीफे के बाद भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने तंज कसते हुए कहा कि झाड़ू बिखर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तो फिल्म शुरू हुई है।
पंजाब की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
दो विधायकों के इस्तीफे ने पंजाब में AAP की राजनीतिक चुनौतियां बढ़ा दी हैं। उम्मीदवारों की पहली सूची के बाद सामने आया यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर टिकट वितरण और नेतृत्व को लेकर असंतोष की चर्चाओं को हवा दे रहा है। अब सबकी नजरें शाम 4:30 बजे होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस और अमित शाह की चंडीगढ़ रैली पर टिकी हैं।
हालांकि, दोनों विधायकों के भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल होने की पुष्टि उनके अगले राजनीतिक कदम के बाद ही होगी।