
Raveena Tandon 54th Birthday: 90 के दशक में अपनी खूबसूरती, दमदार अभिनय और शानदार अदाओं से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली रवीना टंडन आज 54 साल की हो गई हैं। सलमान खान के साथ फिल्म ‘पत्थर के फूल’ से शुरुआत करने वाली रवीना ने ‘मोहरा’, ‘अंदाज अपना अपना’ और ‘दुल्हे राजा’ जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनका नाम माता-पिता के नाम से मिलकर बना था? और ‘शोले’ के सांभा से उनका पारिवारिक रिश्ता भी था? जन्मदिन पर जानिए अभिनेत्री की जिंदगी से जुड़े ऐसे ही रोचक किस्से।
मुंबई, 26 अक्टूबर 2026। बॉलीवुड में कुछ अभिनेत्रियां ऐसी हैं, जिनका जादू समय के साथ कम होने के बजाय और बढ़ता जाता है। रवीना टंडन भी उन्हीं में से एक हैं। कभी ‘मस्त मस्त गर्ल’ बनकर दर्शकों को दीवाना बनाने वाली रवीना ने अपने करियर में रोमांस, कॉमेडी, एक्शन और गंभीर भूमिकाओं तक अपनी अदाकारी का दम दिखाया है।
26 अक्टूबर 1972 को मुंबई में जन्मीं रवीना आज अपना 54वां जन्मदिन मना रही हैं। फिल्मी परिवार में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने अपनी पहचान बनाने के लिए अलग रास्ता चुना। उनके करियर में कई यादगार फिल्में आईं, तो निजी जिंदगी के कुछ किस्से भी खूब चर्चा में रहे।
माता-पिता के नाम से बना ‘रवीना’

रवीना टंडन का नाम भी अपने आप में दिलचस्प कहानी समेटे हुए है। उनके पिता रवि टंडन हिंदी सिनेमा के जाने-माने निर्देशक थे और मां का नाम वीना टंडन है। दोनों के नाम को मिलाकर रवीना नाम रखा गया।
उनका घर का नाम मुनमुन है। बचपन से ही उन्हें फिल्मों का माहौल देखने को मिला, लेकिन उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले मॉडलिंग के जरिए अपना करियर शुरू किया।
रवीना ने जमनाबाई नरसी स्कूल से पढ़ाई की और बाद में मीठीबाई कॉलेज में दाखिला लिया। मॉडलिंग के अवसर मिलने के बाद उनका रुझान मनोरंजन जगत की ओर बढ़ा और उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने से पहले ही करियर पर ध्यान देना शुरू कर दिया।
सलमान खान के साथ पहली फिल्म, फिर मिला बड़ा सम्मान
रवीना टंडन ने 1991 में फिल्म ‘पत्थर के फूल’ से अभिनय की शुरुआत की। इस फिल्म में उनके साथ सलमान खान नजर आए थे।
पहली ही फिल्म से रवीना को पहचान मिली। उनके अभिनय को सराहना मिली और उन्हें फिल्मफेयर का न्यू फेस ऑफ द ईयर पुरस्कार भी मिला। इस शुरुआत ने उनके लिए बॉलीवुड के दरवाजे खोल दिए।
इसके बाद रवीना ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 90 के दशक में उन्होंने एक के बाद एक ऐसी फिल्में दीं, जिन्होंने उन्हें हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया।
‘टिप टिप बरसा पानी’ ने बना दिया ‘मस्त मस्त गर्ल’
रवीना टंडन के करियर की चर्चा हो और फिल्म ‘मोहरा’ का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं है। 1994 में रिलीज हुई इस फिल्म में उनके अभिनय के साथ-साथ गाना ‘तू चीज बड़ी है मस्त मस्त’ भी बेहद लोकप्रिय हुआ।
इसी गाने ने रवीना को ‘मस्त मस्त गर्ल’ की पहचान दिलाई। इसके बाद फिल्म ‘मोहरा’ का ‘टिप टिप बरसा पानी’ भी हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार गानों में शामिल हो गया।
आज भी इन गानों को 90 के दशक के लोकप्रिय फिल्मी संगीत और रवीना की पहचान के साथ याद किया जाता है।
‘अंदाज अपना अपना’ से ‘दुल्हे राजा’ तक, कॉमेडी में भी दिखाया दम

रवीना की खासियत यह रही कि उन्होंने खुद को सिर्फ ग्लैमरस भूमिकाओं तक सीमित नहीं रखा। फिल्म ‘अंदाज अपना अपना’ में उनकी कॉमिक टाइमिंग को खूब पसंद किया गया।
इसके बाद ‘दुल्हे राजा’ में गोविंदा के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों को खूब भायी। वहीं ‘शूल’, ‘जिद्दी’, ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’ और ‘अक्स’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाईं।
2001 में आई फिल्म ‘दमन’ में उनके अभिनय को विशेष सराहना मिली। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इससे साबित हुआ कि रवीना सिर्फ लोकप्रियता ही नहीं, बल्कि गंभीर अभिनय के मामले में भी अपनी अलग जगह रखती हैं।
पिता की सीख ने जिंदगी को दी दिशा

रवीना टंडन अपने पिता रवि टंडन को अपनी जिंदगी की बड़ी प्रेरणा मानती रही हैं। उनके पिता ने हिंदी सिनेमा में निर्देशक के रूप में अपनी पहचान बनाई थी।
रवीना ने कई मौकों पर बताया कि उनके पिता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने और मुश्किल परिस्थितियों में हार न मानने की सीख दी। उनके अनुसार, जिंदगी में ईमानदारी, विनम्रता, धैर्य और आत्मबल बहुत महत्वपूर्ण हैं।
पिता से मिली सीख का जिक्र करते हुए रवीना ने यह भी बताया था कि जिंदगी में असफलता मिलने पर रुक जाना समाधान नहीं है। जिस तरह बच्चा बार-बार गिरकर चलना सीखता है, उसी तरह इंसान को भी अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ना चाहिए।
11 फरवरी 2022 को रवि टंडन का निधन हो गया था। रवीना आज भी अपने पिता की सीख को अपने जीवन का अहम हिस्सा मानती हैं।
‘शोले’ के सांभा से क्या है रिश्ता?
यह किस्सा शायद बहुत से फिल्म प्रेमियों को चौंका दे। हिंदी सिनेमा की क्लासिक फिल्म ‘शोले’ में सांभा का किरदार निभाने वाले मैकमोहन, रवीना टंडन के मामा थे।
मैकमोहन का असली नाम मोहन माखिजानी था। ‘शोले’ में उनका छोटा-सा किरदार भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। फिल्म में उनके संवाद ‘पूरे पचास हजार’ को आज भी याद किया जाता है।
रवीना के परिवार से मैकमोहन का रिश्ता होने की वजह से दोनों का पारिवारिक जुड़ाव भी रहा। यही वह दिलचस्प तथ्य है, जो रवीना की जिंदगी से जुड़ी कम चर्चित बातों में शामिल है।
ऋषि कपूर पर था क्रश?

रवीना टंडन की निजी पसंद से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी सामने आया था। फिल्म ‘बॉम्बे वेलवेट’ के प्रचार के दौरान उन्होंने ऋषि कपूर को लेकर अपनी पसंद का जिक्र किया था।
रणबीर कपूर के साथ काम करने के दौरान उन्हें उनके पिता ऋषि कपूर की याद आती थी। रवीना ने ऋषि कपूर के प्रति अपने पुराने आकर्षण की बात भी साझा की थी।
यह किस्सा उनके प्रशंसकों के लिए इसलिए खास है, क्योंकि इससे पता चलता है कि पर्दे पर जिन कलाकारों को दर्शक देखते हैं, वे भी अपने पसंदीदा सितारों के प्रशंसक रहे हैं।
फिल्मों के बाद टीवी और ओटीटी पर भी जमाया रंग
समय के साथ रवीना ने अपने काम का दायरा बढ़ाया। उन्होंने टेलीविजन कार्यक्रमों की मेजबानी की और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अभिनय किया।
2021 में आई नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘अरण्यक’ में उन्होंने पुलिस अधिकारी कस्तूरी डोगरा का किरदार निभाया। इस भूमिका को दर्शकों और समीक्षकों की सराहना मिली।
इसके बाद वह ‘कर्मा कॉलिंग’ और ‘पटना शुक्ला’ जैसे प्रोजेक्ट्स में भी नजर आईं। 2024 में आई फिल्म ‘घुड़चढ़ी’ में उन्होंने संजय दत्त के साथ काम किया।
इन प्रोजेक्ट्स से यह साफ हुआ कि रवीना ने बदलते दौर के साथ खुद को ढालने की कोशिश जारी रखी है।
निजी जिंदगी में भी लिए बड़े फैसले
रवीना टंडन की निजी जिंदगी भी कई बार चर्चा में रही। 90 के दशक में उनका नाम अभिनेता अक्षय कुमार के साथ जुड़ा था। दोनों के रिश्ते और सगाई को लेकर उस समय काफी खबरें सामने आई थीं, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए।
1995 में रवीना ने दो बेटियों, पूजा और छाया को गोद लिया था। उस समय वह बहुत कम उम्र में मां की जिम्मेदारी निभाने का फैसला लेकर चर्चा में आई थीं।
बाद में उन्होंने फिल्म वितरक अनिल थडानी से शादी की। दोनों की शादी 2004 में हुई थी। उनके दो बच्चे हैं—बेटी राशा थडानी और बेटा रणबीरवर्धन थडानी।
राशा भी मनोरंजन जगत में कदम रख चुकी हैं। इस तरह रवीना अब अपने परिवार की अगली पीढ़ी को भी फिल्मी दुनिया में आगे बढ़ते देख रही हैं।
54वें जन्मदिन पर क्यों खास हैं रवीना?

रवीना टंडन की कहानी सिर्फ एक सफल अभिनेत्री की कहानी नहीं है। यह उस कलाकार की यात्रा भी है, जिसने लोकप्रियता के साथ गंभीर भूमिकाओं में अपनी क्षमता साबित की और समय के साथ अपने करियर को नए रूप दिए।
‘मस्त मस्त गर्ल’ की छवि से लेकर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने वाली अभिनेत्री तक का उनका सफर हिंदी सिनेमा के बदलते दौर की कहानी भी कहता है।
54वें जन्मदिन पर रवीना टंडन के प्रशंसक उन्हें उनकी यादगार फिल्मों, शानदार गानों और अलग-अलग भूमिकाओं के लिए याद कर रहे हैं। 90 के दशक की उनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है और यही उनके लंबे फिल्मी सफर की सबसे बड़ी पहचान है।