---Advertisement---

‘मोदी क्या उसका बाप भी जाएगा’, खड़गे के बयान पर पटना में हंगामा; भाषण के दौरान उठे शख्स की पिटाई

---Advertisement---

Mradubhashi | Patna News: बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के बीच एक व्यक्ति ने खड़े होकर कहा कि मोदी जी नहीं जाने वाले हैं। इस टिप्पणी पर खड़गे ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘मोदी क्या उसका बाप भी जाएगा।’ उन्होंने इस बात को तीन बार दोहराया। इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने टिप्पणी करने वाले व्यक्ति की पिटाई कर दी। खड़गे यहां बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे।

भाषण के बीच खड़ा हुआ शख्स, फिर मच गया हंगामा

पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बिहार के राजनीतिक इतिहास, लोकतंत्र और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति अचानक खड़ा हुआ और उसने कहा कि मोदी जी नहीं जाने वाले हैं। उसने यह भी कहा कि जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा, तब तक मोदी सरकार नहीं हटेगी।

व्यक्ति की इस टिप्पणी पर खड़गे ने नाराजगी जताई और जवाब देते हुए कहा, ‘मोदी क्या उसका बाप भी जाएगा।’ उन्होंने यह बात तीन बार दोहराई। इसके बाद सभागार में मौजूद कुछ लोगों ने उस व्यक्ति के साथ मारपीट शुरू कर दी।

इस घटनाक्रम ने कार्यक्रम के राजनीतिक माहौल को अचानक गरमा दिया। हालांकि, इस विवाद के दौरान व्यक्ति की टिप्पणी और खड़गे की प्रतिक्रिया के अलावा मारपीट की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

नीतीश कुमार पर निशाना, बोले- BJP-RSS की गोद में जाकर बैठ गए

कार्यक्रम में खड़गे ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सोशलिस्ट विचारधारा के साथ आगे बढ़े थे, लेकिन अब BJP-RSS की गोद में जाकर बैठ गए हैं।

खड़गे ने आरोप लगाया कि जब किसी व्यक्ति में कमजोरी आती है, तो उसका अपनी विचारधारा पर विश्वास कम होने लगता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तमाम राजनीतिक चुनौतियों का सामना किया है। इसके बावजूद वह और राहुल गांधी संघर्ष कर रहे हैं और लोगों के अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं।

खड़गे ने RSS की विचारधारा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि जब तक देश में इस विचारधारा का प्रभाव समाप्त नहीं होगा, तब तक शांति स्थापित नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी दावा किया कि RSS में आज भी छुआछूत की मानसिकता रखने वाले लोग मौजूद हैं।

‘श्री बाबू ने आधुनिक बिहार में लोकतंत्र को मजबूत किया’

बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर खड़गे ने उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि श्री बाबू आधुनिक बिहार में लोकतंत्र को मजबूत करने वाले प्रमुख नायकों में शामिल थे।

खड़गे ने बिहार में कांग्रेस के शुरुआती शासन और स्वतंत्रता के बाद हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण सिंह के मुख्यमंत्री कार्यकाल में जमींदारी प्रथा समाप्त करने, भूमि सुधार और चकबंदी जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।

उन्होंने कहा कि भूमि सुधार के लिए इंदिरा गांधी ने भी महत्वपूर्ण काम किया था। खड़गे ने आरोप लगाया कि बीजेपी के नेता वर्तमान की उपलब्धियों पर बात करने के बजाय जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के कार्यकाल में हुए कामों का श्रेय लेने की कोशिश करते हैं।

चुनाव आयोग और मोदी सरकार के बीच सांठगांठ का आरोप

खड़गे ने चुनाव आयोग और केंद्र की मोदी सरकार के संबंधों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं से चुनाव आयोग और मोदी सरकार के बीच सांठगांठ होने का संदेह पैदा होता है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए खड़गे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने ऐसा कानून बनाया है, जिससे चुनाव आयुक्तों को उनके कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराना मुश्किल हो गया है।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति करने वाली चयन समिति की संरचना में बदलाव का मुद्दा भी उठाया। खड़गे के मुताबिक, पहले इस समिति में प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल होते थे, लेकिन बाद में मुख्य न्यायाधीश की जगह एक केंद्रीय मंत्री को शामिल किया गया।

ध्यान दें: चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और उन्हें कानूनी संरक्षण देने से संबंधित खड़गे के बयानों को कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों के रूप में देखा जाना चाहिए। इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित कानूनों और आधिकारिक दस्तावेजों का स्वतंत्र परीक्षण आवश्यक है।

राहुल गांधी का जिक्र कर बोले- गलतियां पहले ही उजागर कीं

कांग्रेस अध्यक्ष ने राहुल गांधी के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं को पहले भी उठाया है।

खड़गे ने दावा किया कि राहुल गांधी ने पिछले 10 महीनों में 14 बार इन मुद्दों पर सवाल उठाए और ज्ञानेश कुमार से जुड़ी कथित गलतियों की ओर ध्यान दिलाया।

उन्होंने बिहार सरकार पर भी निशाना साधते हुए उसे ‘चोरी की सरकार’ करार दिया। खड़गे ने कहा कि देश में जहां भी चोरी होती है, वहां जिम्मेदार लोगों को सबक सिखाया जाना चाहिए।

हालांकि, चुनावी अनियमितताओं और सरकार पर लगाए गए इन आरोपों को कांग्रेस का राजनीतिक पक्ष माना जाना चाहिए। इनकी पुष्टि संबंधित तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही की जा सकती है।

बिहार में पहले भी राजनीतिक बयानबाजी को लेकर हुआ था विवाद

बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले ने भी अगस्त 2025 में राजनीतिक विवाद पैदा किया था। दरभंगा में राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान हुई इस घटना के विरोध में प्रदर्शन और बिहार बंद का आयोजन किया गया था। उस समय पटना में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प तथा वाहनों में तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आई थीं।

इस पुराने विवाद का जिक्र करते हुए बिहार की राजनीति में नेताओं के बयानों और उनके विरोध को लेकर जारी टकराव की पृष्ठभूमि भी सामने आती है।

खड़गे के भाषण से ज्यादा चर्चा में आया हंगामा

डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जहां बिहार के इतिहास, भूमि सुधार और लोकतंत्र की बात की, वहीं उनके भाषण के बीच हुई नोकझोंक ने कार्यक्रम को विवादों में ला दिया।

एक व्यक्ति की टिप्पणी, खड़गे की तीखी प्रतिक्रिया और उसके बाद हुई मारपीट ने राजनीतिक कार्यक्रमों में असहमति जताने के तरीकों पर भी सवाल खड़े किए हैं। लोकतंत्र में सरकार की आलोचना और राजनीतिक विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी भी विचार या बयान के जवाब में हिंसा को उचित नहीं ठहराया जा सकता।

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

देवास में बेकाबू कार ने तीन लोगों को कुचला, दो महिलाओं समेत 3 की मौत; खंभे तोड़ पेड़ से टकराई कार

ECINET सॉफ्टवेयर पर कांग्रेस का बड़ा आरोप, चुनाव आयोग से पूछे तीखे सवाल; ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज

काशी के आसमान में सुखोई, राफेल और तेजस का शौर्य! पीएम मोदी ने नमो घाट पर देखा भव्य एयर शो, 100 से ज्यादा विमानों ने दिखाए करतब

2 नवंबर को बनेगा गजकेसरी योग, इन 4 राशियों को मिल सकते हैं शुभ परिणाम

UN में भारत ने पाकिस्तान को घेरा: सेना के दखल, अल्पसंख्यकों के अधिकार और ‘फॉर्म 47 सरकार’ पर उठाए सवाल

दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट कर्मचारियों और यात्रियों में तीखी बहस, ‘शेम ऑन स्पाइसजेट’ के लगे नारे

Leave a comment