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UN में भारत ने पाकिस्तान को घेरा: सेना के दखल, अल्पसंख्यकों के अधिकार और ‘फॉर्म 47 सरकार’ पर उठाए सवाल

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India-Pakistan News: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में घेरा है। भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि खराब करने और अपने आंतरिक मुद्दों से दुनिया का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। भारत ने पाकिस्तान में सेना के राजनीतिक हस्तक्षेप, अल्पसंख्यकों की स्थिति और 2024 के आम चुनावों में कथित अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए। जम्मू-कश्मीर पर भारत ने अपना रुख दोहराते हुए कहा कि यह देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर तीखा हमला

संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान की आलोचना की। भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव रघू पुरी ने पाकिस्तान पर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया।

भारत की ओर से कहा गया कि पाकिस्तान को दूसरे देशों पर आरोप लगाने के बजाय अपने यहां की आर्थिक चुनौतियों, कानून-व्यवस्था और मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। भारत ने विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान की स्थिति का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान के आंतरिक हालात पर सवाल उठाए।

पाकिस्तान में सेना के दखल पर भारत ने कसा तंज

भारत ने पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था में सेना की भूमिका को लेकर भी निशाना साधा। रघू पुरी ने कथित तौर पर कहा कि पाकिस्तान में सेना का प्रभाव इतना अधिक है कि सरकार के लिए उसके फैसलों के खिलाफ जाना मुश्किल है।

भारत ने पाकिस्तान की मौजूदा सरकार के संदर्भ में ‘फॉर्म 47 सरकार’ शब्द का इस्तेमाल भी किया। यह शब्द पाकिस्तान में फरवरी 2024 के आम चुनावों के बाद सामने आए कथित चुनावी अनियमितताओं और नतीजों में हेरफेर के आरोपों से जुड़ा है।

भारत के इस बयान के जरिए पाकिस्तान की लोकतांत्रिक व्यवस्था और राजनीतिक निर्णयों में सेना के प्रभाव पर सवाल उठाए गए।

क्या है पाकिस्तान का फॉर्म 47 विवाद?

पाकिस्तान में फॉर्म 47 चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा एक आधिकारिक दस्तावेज है। इसमें निर्वाचन क्षेत्र के मतदान के समेकित परिणाम दर्ज किए जाते हैं।

फरवरी 2024 में हुए आम चुनावों के बाद पाकिस्तान में चुनावी नतीजों को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। कई राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों ने कथित अनियमितताओं तथा नतीजों में हेरफेर के आरोप लगाए थे।

इन्हीं आरोपों के बाद सरकार के आलोचक सत्तारूढ़ गठबंधन को ‘फॉर्म 47 सरकार’ कहकर निशाना बनाते हैं। हालांकि, यह राजनीतिक आलोचना में इस्तेमाल होने वाला शब्द है, न कि सरकार का आधिकारिक नाम।

अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर पाकिस्तान को घेरा

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों से जुड़े रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए। भारत का कहना था कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात करता है, लेकिन उसे अपने देश में अल्पसंख्यक समुदायों की स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए।

भारत ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी में आजादी के बाद आए बदलावों का मुद्दा उठाते हुए वहां धार्मिक समुदायों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर सवाल किए।

भारत ने जोर दिया कि मानवाधिकारों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर चर्चा करते समय सभी देशों को अपने यहां की स्थिति का भी निष्पक्ष आकलन करना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर पर भारत का दोटूक रुख

पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने के बीच भारत ने एक बार फिर अपना स्पष्ट रुख दोहराया। भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान को उन क्षेत्रों पर अपना अवैध कब्जा समाप्त करना चाहिए।

भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के दावों को खारिज करता रहा है और इस मुद्दे को द्विपक्षीय संबंधों से जोड़कर देखता है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का सख्त संदेश

संयुक्त राष्ट्र में भारत के बयान को पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति, सेना के प्रभाव, अल्पसंख्यकों के अधिकारों और जम्मू-कश्मीर पर उसके रुख के जवाब के तौर पर देखा जा सकता है।

भारत ने अपने वक्तव्य के जरिए यह संदेश दिया कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दूसरे देशों के खिलाफ आरोप लगाने से पहले पाकिस्तान को अपने घरेलू मुद्दों और मानवाधिकारों से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए।

नोट: इस समाचार में पाकिस्तान की चुनावी व्यवस्था और सरकार को लेकर इस्तेमाल किए गए कुछ शब्द राजनीतिक आरोपों एवं आलोचनाओं के संदर्भ में हैं। प्रकाशन से पहले संयुक्त राष्ट्र की बैठक की तारीख, रघू पुरी के आधिकारिक वक्तव्य और संबंधित तथ्यों की मूल स्रोतों से पुष्टि करना उचित होगा।

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