नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर एक तीखा पोस्ट साझा कर विपक्ष और सरकार विरोधी नैरेटिव गढ़ने वालों पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने ‘रिजीम चेंज गैंग’ (सत्ता परिवर्तन गिरोह) का जिक्र करते हुए आरोप लगाया है कि यह समूह केवल सत्ता बदलने के सपने देखता है, इसके लिए षड्यंत्र रचता है और समाज में झूठ फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनता के मजबूत जनादेश के आगे ऐसे सभी प्रयास हमेशा विफल साबित होते हैं।
इन चुनावी नतीजों का दिया हवाला
अपने तर्क के समर्थन में केंद्रीय मंत्री ने हालिया चुनावी और सांगठनिक नतीजों का विशेष तौर पर उल्लेख किया:
- छात्रसंघ चुनाव: पंजाब यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी और ओडिशा के 13 विश्वविद्यालयों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की शानदार जीत।
- स्थानीय व उपचुनाव: गुजरात के निकाय चुनाव और असम, पश्चिम बंगाल तथा पुडुचेरी के उपचुनावों के परिणाम।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गांवों से लेकर शहरों तक और युवाओं से लेकर आम नागरिकों तक, देश की जनता का रुख उन ताकतों की सोची-समझी रणनीति से पूरी तरह अलग है जो लगातार सत्ता परिवर्तन का झूठा नैरेटिव तैयार करने में लगी रहती हैं।
‘आत्ममंथन करने की जरूरत’
विपक्ष और कथित नैरेटिव निर्माताओं पर तंज कसते हुए शिवराज ने सवाल किया कि “हर हार के बाद भी इन लोगों की भारत में दाल क्यों नहीं गल रही है?”
उन्होंने संबंधित समूह को आत्ममंथन करने की सलाह दी है और चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा है कि यदि इसके बाद भी उन्हें जनता का संदेश समझ नहीं आया, तो वह जल्द ही आगे की बात बताएंगे कि आखिरकार उनकी दाल क्यों नहीं गल पा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिवराज सिंह चौहान की यह सोशल मीडिया पोस्ट सीधे तौर पर राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने और हालिया चुनावी परिणामों के जरिए सरकार की मजबूत पकड़ को रेखांकित करने की एक सोची-समझी कोशिश है।