भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कमजोरी देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक करीब छह महीने के निचले स्तर तक पहुंच गए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिका-ईरान तनाव को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के एक प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद तेल बाजार में फिर दबाव बढ़ा। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसलिए महंगा कच्चा तेल महंगाई, रुपये और कंपनियों की लागत पर असर डाल सकता है।
बाजार लगातार सातवें सप्ताह कमजोरी की ओर बढ़ता दिखाई दिया। ऐसे में निवेशकों की नजर अब वैश्विक तेल कीमतों, पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी






