51 किमी का ग्रोथ कॉरिडोर और डिजिटल ट्विन सिटी से होगी निगरानी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल के बाद राजधानी के विकास को नई दिशा देने के लिए ‘भोपाल विकास योजना-2047’ के प्रारूप का आधिकारिक प्रकाशन कर दिया गया है। आगामी 22 वर्षों की जरूरतों और करीब 45 लाख की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए इस नए मास्टर प्लान में शहर के बुनियादी विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण, यातायात सुगमता और रोजगार के नए अवसरों पर विशेष जोर दिया गया है। प्रशासन अब इस ड्राफ्ट पर आम जनता से दावे, आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित कर रहा है।
पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए नए मास्टर प्लान में हरित क्षेत्र को 16 प्रतिशत से बढ़ाकर करीब 27 प्रतिशत करने का बड़ा प्रस्ताव है। भानपुर खंती के पुनर्विकास के लिए वहां गोल्फ कोर्स बनाने की योजना है। इसके अलावा भोजताल, उसकी कैचमेंट एरिया, पहाड़ियों और जंगलों के संरक्षण पर कड़े प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि भोपाल के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
ड्राफ्ट में खास
यह महत्वाकांक्षी मास्टर प्लान चार प्रमुख आधारों पर आधारित है। इसमें प्राकृतिक पर्यावरण का संरक्षण, आधुनिक और नागरिक हितैषी विकास, शहर में जरूरी बदलावों को बढ़ावा देना तथा रोजगार व आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करना शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि इस प्रारूप में भोजताल, घने वन क्षेत्रों और बाघ भ्रमण क्षेत्रों के संरक्षण के साथ नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं और आसान आवाजाही देने का पूरा प्रयास किया गया है।
51 किलोमीटर लंबा ग्रोथ कॉरिडोर होगा आकर्षण
मास्टर प्लान के तहत करीब 3000 हेक्टेयर जमीन को चिन्हित कर 51 किलोमीटर लंबे ‘ग्रोथ कॉरिडोर’ की परिकल्पना की गई है। कॉरिडोर ईकेएआई सिटी, एयरपोर्ट, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक और थोक व्यापार क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा। होटल, स्वास्थ्य सेवाएं, आईटी, एआई और डेटा सेंटर, हाइपर मार्केट, मॉल और कॉरपोरेट ऑफिस जैसी आधुनिक गतिविधियां विकसित की जा सकेंगी। विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर मार्गों को जोड़ा जाएगा।
डिजिटल ट्विन से रियल टाइम निगरानी
निर्माण कार्यों और यातायात व्यवस्था की सटीक और रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए ‘डिजिटल ट्विन सिटी’ की आधुनिक व्यवस्था का प्रस्ताव है। इससे अवैध निर्माणों और ट्रैफिक समस्याओं पर तुरंत एक्शन लेना आसान होगा। वहीं शहर की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी नेटवर्किंग और पारदर्शी बाउंड्री वॉल जैसे सुरक्षा मानक भी शामिल किए गए हैं।
पार्किंग की समस्या का होगा स्थायी समाधान
शहर में बढ़ती वाहनों की संख्या को देखते हुए मल्टीलेवल, मैकेनाइज्ड और फ्लाईओवरों के नीचे पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव है। साथ ही भौंरी क्षेत्र में ‘एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ईकेएआई) सिटी’ बनाने की योजना है, जिससे शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र को नई ऊंचाइयां मिल सकेंगी। अन्य उपायों को भी शामिल किया जाएगा।
राजधानी में पहली बार मिश्रित भूिम उपयोग: एक ही इलाके में मकान और दुकान की सुविधा
शहर में जाम और लंबी दूरी की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए ‘मिश्रित भूमि उपयोग’ का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत सड़क की चौड़ाई के आधार पर आवासीय क्षेत्रों में भी दुकानें और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने की अनुमति होगी, जिससे घर और कार्यालय की दूरी कम हो सकेगी। साथ ही चौड़ी सड़कों के किनारे भवनों की ऊंचाई और एफएआर नियमों को भी आसान बनाया गया है।








