Fed Meeting 2026 | फेड ने बढ़ाई ब्याज दर | भारत, सोना और शेयर बाजार पर असर
फेड ने फिर बढ़ाई ब्याज दरें, महंगाई पर सख्ती जारी; भारत समेत दुनिया भर के बाजारों की बढ़ी चिंता

वॉशिंगटन। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) ने अपनी सितंबर मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट (0.25 प्रतिशत) की बढ़ोतरी का फैसला किया है। इस फैसले के बाद फेड फंड्स रेट 3.75 प्रतिशत से 4.00 प्रतिशत के दायरे में पहुंच गई है।
फेड ने अपने बयान में कहा कि महंगाई को लक्ष्य स्तर तक लाना अभी भी उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि मुद्रास्फीति पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के लिए मौद्रिक नीति को कुछ समय तक सख्त बनाए रखना आवश्यक हो सकता है। फेड ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि आने वाले महीनों में महंगाई अपेक्षा से अधिक बनी रहती है, तो इस वर्ष एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की जा सकती है।
फेड के फैसले के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में तुरंत प्रतिक्रिया देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर में मजबूती दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ी। दूसरी ओर, शेयर बाजारों में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिससे कई प्रमुख सूचकांकों पर दबाव देखने को मिला।
भारत पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों के अनुसार, फेड की सख्त मौद्रिक नीति का असर भारत सहित उभरते बाजारों पर भी पड़ सकता है। डॉलर मजबूत होने से रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के निवेश प्रवाह में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा सोने की कीमतों और भारतीय शेयर बाजार में भी अल्पकालिक उतार-चढ़ाव संभव है।
अब निवेशकों की निगाहें अमेरिकी महंगाई के आगामी आंकड़ों और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अगली मौद्रिक नीति बैठक पर रहेंगी, क्योंकि आगे की ब्याज दरों की दिशा इन्हीं आर्थिक संकेतकों पर काफी हद तक निर्भर करेगी।










