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महाकाल में दीपोत्सव का विश्व रिकॉर्ड: उज्जैन में 21 लाख दीपक जला कर रचा जा रहा है इतिहास

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महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 1 मार्च को ‘शिव ज्योति अर्पणम’ महोत्सव का आयोजन किया जा रह है। उज्जैन में मां क्षिप्रा नदी के तट पर, देवस्थानों, मंदिरों और नगर में घर-घर दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इस बार महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन में दीपावली जैसा उत्सव मनेगा।  यहां शिव ज्योति अर्पणम् महोत्सव शुरू हो गया है। इसके तहत 21 लाख दीपक जलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्नी साधना सिंह के साथ 11 दीपक जलाकर शुरुआत की।

इसके बाद सायरन बज गया। सभी स्वयंसेवकों ने दीपक जलाना शुरू कर दिया है। यहां गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की 5 सदस्यीय टीम भी मौजूद है। यहां 5 ड्रोन से निगरानी की जा रही है। राम घाट से लेकर भूखी माता घाट तक लोगों की भीड़ जमा है। लोग इस ऐतिहासिक नजारे को देखने के लिए बेताब हैं।

इससे पहले सुबह 3 बजे से ही महाकाल मंदिर के पट खोले गए। सबसे पहले भस्म आरती हुई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पट खुलते ही चार धाम मंदिर पर श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। पुलिस के मेटल डिटेक्टर और कुछ बैरिकेड्स गिर गए। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि भस्म आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए पट खोले गए, तब यह स्थिति बनी थी। यह स्थिति ज्यादा देर नहीं रही, पुलिस-प्रशासन ने व्यवस्था संभाल ली।

भस्म आरती में सबसे पहले भगवान महाकाल को पंडे पुजारियों ने जल चढ़ाया। इसके बाद पंचामृत अभिषेक पूजन में दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से अभिषेक किया गया। भांग से अद्भुत श्रृंगार किया गया। सुबह 5.30 बजे से आम भक्तों ने दर्शन करने शुरू किए। शाम 6 बजे तक करीब 4 लाख 10 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

देशभर से श्रद्धालु आज उज्जैन पहुंच रहे

बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन का महाकाल मंदिर दक्षिणमुखी है। साथ ही भस्म आरती की परम्परा के चलते इसका महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। देशभर से श्रद्धालु आज उज्जैन पहुंच रहे हैं। देर रात 2 बजे से मंदिर के बाहर लाइन लगनी शुरू हो गई थी। अब 2 मार्च को रात्रि की शयन आरती के बाद पट बंद होंगे।