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World Environment Day: छात्रा ने घर की छत को बनाया हरा-भरा और इस तरीके से उगाई रसायनमुक्त पौष्टिक सब्जियां

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अशोकनगर: शहर की एक छात्रा ने घर की छत पर किचन गार्डन बनाकर बेहतर पर्यावरण का अच्छा संदेश दिया है। 13 साल की इस छात्रा ने घर पर सब्जी उगाकर छत को हरा-भरा किया साथ ही अपने परिवार के लिए पौष्टिक और रसायम मुक्त सब्जियां भी उपलब्ध करवाई।

लॉकडाउन में बनाया किचन गार्डन

पिछले साल जब कोरोना संक्रमण की आहट के साथ सख्त लॉकडाउन लगा और स्कूल बंद रहे तो स्कूल के टाइम में शहर की एक 13 वर्षीय छात्रा ने अपने घर की छत को हरा-भरा बना दिया। छात्रा दिशारी रघुवंशी बताती हैं कि पहले-पहल उन्होंने वह पौधे लगाए थे जो दिखने में अच्छे थे और फूल वाले थे। लेकिन बाद में उनके मन में ख्याल आया कि बाजार से जो सब्जियां आ रहीं हैं। उन्हे काफी देर तक धोना पड़ता है फिर भी संक्रमण का डर बना रहता है। इसलिए दिशारी ने अगले चरण में छत पर सब्जियों को लगाने की शुरुआत की।

छत पर छाई सब्जियों की बहार

उन्होंने बताया कि उनकी छत पर मिर्च, बैंगन, गिलकी, लौकी, पालक, मैथी, हरा धनिया, पुदीना व टमाटर लगे हुए हैं। यह सब्जी पूरी तरह से जैविक है। बाजार से आने वाली दवायुक्त सब्जी से काफी बेहतर भी है और खाने में स्वादिष्ट भी लगती है। दिशारी बताती हैं कि छत सबके पास होते हैं। यदि हम इसका सदुपयोग पौधे लगाने में करें तो न केवल छत हरा-भरा होगा बल्कि हमें घर की पौष्टिक सब्जियां मिलेंगी। उन्होंने बताया कि छत पर पौधे लगाने से घर का तापमान भी कम रहता है। पड़ौस के घरों में जब पारा 40 डिग्री के पास रहता है तो उनके घर में पारा 6 से 8 डिग्री तक कम हो जाता है। छत हरा-भरा दिखने से मन को भी बेहद सुकून मिलता है। उन्होंने संदेश दिया है कि छत का सदुपयोग कर उसे हरा-भरा बनाएं।