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उज्जैन के चरक अस्पताल में महिला कर्मचारियों में मारपीट, वीडियो हुआ वायरल

चरक में गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पताल में रैफर करने का मामला भी सामने आया है।

उज्जैन। प्रसूताओं को पैसे के लिए निजी अस्पताल मे रैफर करने के लिए बदनाम चरक भवन में सफाई ठेकेदार की महिला कर्मचारियों मैं पैसे के लेनदेन को लेकर मारपीट का वीडियो सामने आया है। हाथापाई मामले को लेकर सिविल सर्जन ने दिए जांच के आदेश दिए है।

महिला कर्मचारियों में हुई मारपीट

उज्जैन का जिला चिकित्सालय एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। सफाई ठेकेदार द्वारा नियुक्त दो महिला कर्मचारियों के द्वारा पैसे के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। सबसे बड़ी बात इसमें यह है कि यह हाथापाई जिला चिकित्सालय के चरक भवन के अंदर हुई। घटना की जानकारी मिलते ही सिविल सर्जन ने जांच के आदेश दे दिए और संबंधित ठेकेदार का ठेका निरस्त करने की बात कही है।

उज्जैन शहर का चरक भवन अस्पताल वैसे 400 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है और इसमें मातृ एवं शिशु मेटरनिटी को शुरू किया गया है। शुरुआत से ही चरक भवन का अस्पताल विवादों में रहा है। इसके बनने से लेकर इसके संचालित होने तक कई विवाद आये दिन होते रहते हैं।

सूत्रों की मानें तो पिछले कुछ दिनों से चरक भवन के मातृ एवं शिशु वार्ड से प्रेग्नेंट महिलाओं को डिलीवरी के लिए निजी अस्पताल में भेजने का काम बदस्तूर जारी है, जिसको लेकर उज्जैन शहर की विभिन्न मीडिया ने इसको तत्परता से दिखाया था। इसके बाद उज्जैन जिले के जिलाधीश आशीष सिंह ने जिला चिकित्सालय और चरक भवन का दौरा भी किया था लेकिन उनके दौरे का भी असर नहीं हुआ और आज निजी ठेकेदार द्वारा कार्यरत महिलाओं ने पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ। इसमें नौबत मारपीट तक की आ गई है।

सिविल सर्जन ने कही कार्रवाई की बात

घटना की जानकारी जब सिविल सर्जन डॉ वर्मा को मिली तो वह चरक भवन पहुंच गए और यहां पर उन्होंने अन्य स्टाफ से घटना की जानकारी ली हालांकि उन्होंने कैमरे के सामने यह तो नहीं स्वीकारा के यह पैसे के लेनदेन का मामला है लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि इस मामला इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और अगर बात पैसे की सामने आती है तो वे कार्यवाही करेंगे।