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पत्रकारों ने क्यों किया शासकीय कार्यक्रमों का बहिष्कार

पत्रकारों का विरोध

थांदला. कोरोना के चलते कई महीनों से स्थानीय प्रशासन की मनमानी अपनी चरम सीमा पर है, आए दिन मीडिया अपने स्वाभिमान को जिंदा रखने का प्रयास कर रही है किंतु स्थानीय प्रशासन के आला अधिकारी कुंभकरण की नींद में सोए हुए हैं। शासन की योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए एकमात्र मीडिया की भूमिका सशक्त रहती है। लेकिन अधिकारियों ने सारी सीमाओं को लांग कर मर्यादा तोडी।

पत्रकारों ने रोका कलेक्टर का काफिला

नगर की मीडिया ने शासन की योजना शासन की योजनाओं को धरातल पर लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी किंतु हद तो तब हो गई जब इन अधिकारियों ने शासकीय कार्यक्रम में भी मीडिया से दूरियां बनाकर रखी स्थानीय कोई भी कार्यक्रम हो यह अधिकारी मीडिया से बात भी नहीं करते हैं। आज नगर परिषद द्वारा वार्ड 1 में कार्यक्रम का आयोजन रखा गया। जिसमें मीडिया से दूरी बनाकर रखी चंद पत्रकारों को परिषद के पत्रकार बंधु के नाम से संदेश भेजे गए। वहीं आज थांदला मीडिया विरोध की भूमिका में खड़ा था, ऐसे में आज ही कलेक्टर का भी इसी कार्यक्रम शिरकत करना था समस्त मीडिया ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर नगर से दूर एमजी रोड एसबीआई बैंक के सामने कलेक्टर के काफिले को रोक कर चर्चा की।

कोरोना में जान गंवाने वालें पत्रकार को मिले आर्थिक सहयोग

कलेक्टर ने विस्तार से चर्चा कर मीडिया में और प्रशासन में सामंजस्य की बात कहीं। नगर के मीडिया द्वारा दिवंगत पत्रकार राकेश पाठक का जिनका कोरोना वायरस से निधन हुआ था। उनके परिवार को आर्थिक सहायता व पुत्र को शासकीय सर्विस मिले। इसका ज्ञापन दिया। इस दौरान कुंदन अरोड़ा, सुधीर शर्मा, कमलेश तलेरा , मनोज उपाध्याय,  धर्मेंद्र पंचाल, अक्षय भट, मुकेश अहिरवार, निरंजन भारद्वाज, राजेश डामोर , मनीष वाघेला, जावेद खान, अविनाश गिरी, शाहदत खान, जमील खान, मुकेश भट्ट, शाहिद खान, हरीश पंचाल, नीलिमा डाबी, समकित तलेरा, आत्माराम शर्मा, कुलदीप वर्मा, राजू धानक, पवन नाहर, मानक लाल जैन आदि पत्रकार मौजूद रहें।